फर्जी कॉल सेंटर संचालन करने वाले 3 आरोपियों को किया काबू

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फर्जी कॉल सेंटर संचालन करने वाले 3 आरोपियों को किया काबू

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/गुस्ग्राम/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- गुरूग्राम पुलिस ने एक बड़ी कार्यवाही में फर्जी काॅल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए 3 आरोपियों को काबू किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
                         गुरुग्राम की पुलिस टीम को अपने विश्वशनीय सूत्रों के माध्यम से एक सूचना प्लाट नंबर 3202 सैक्टर-23, गुरुग्राम में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर अमेरिका के लोगों के साथ धोखाधड़ी करते हुए ठगी देने की वारदातों को अंजाम दिया जाता है। जिस सूचना पर सहायक पुलिस आयुक्त डी.एल.एफ. व सहायक पुलिस आयुक्त उद्योग विहार गुरुग्राम की अध्यक्षता तथा निरीक्षक आजाद सिंह द्वारा कानून की सभी औपचारिकताओ को पूरा करते हुए एक पुलिस रेडिंग टीम तैयार की गई व रेडिंग टीम को सूचना के बारे में विस्तारपूर्वक बताते हुए सूचना में दिए गए स्थान पर पहुँचकर रेड की गई। जहां पर काफी लड़के व लड़कियां लैपटॉप के आगे बैठकर हैड फोन पहनकर इंग्लिश मे बात कर रहे थे जिनसे गहनता से पूछताछ करने पर पता चला की काल सेंटर के मालिक जिगर परमार, भोला, दीपक व मौलिक है। इसी दौरान पूछताछ में ज्ञात हुआ कि जरार हैदर जो इस कॉल सेंटर का टीम लीडर है, पार्थेश पटेल जो तकनीकी कार्य देखता है तथा निशर्ग पुत्र श्री चेतन भाई जो डॉईलर पर विदेशी लोगों से कैसे बातचीत करते है इत्यादि देखता है और तीनों कॉल सेंटर पर मौजूद हैं, तभी पुलिस टीम ने कॉल सेंटर पर उक्त कार्य करने वाले तीनों युवकों से कॉल सेंटर के मालिकों संचालकों के बारे में पुछताछ करते हुए कॉल सेंटर से सम्बंधित वैध दस्तावेज मांगे तो वे कोई भी दस्तावेज पेश नही कर पाए। आरोपियों द्वारा फर्जी तरीके से अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी कॉल सेंटर चलाकर अमेरिका के लोगों के साथ धोखाधड़ी करके ठगी करने पर आरोपियों के खिलाफ थाना साईबर अपराध, गुरुग्राम में धारा  420, 467, 468, 120-बी आईपीसी – 43, 66डी-75 आई टी एक्ट के तहत अभियोग अंकित किया गया व तीनों आरोपियों को अभियोग में नियमानुसार गिरफ्तार किया गया।आरोपियों से पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि ये विभिन्न वेबसाइटस से अमेरिकी लोगों के डेटा खरीदते थे, उसके बाद ये अपने सर्वर में डेटा अपलोड करके अमेरिकी लोगों को मैसेज भेजते थे। उसके बाद ये उनसे कॉल करके उनकी आइडेंटिटी का गलत उपयोग करते हुए व उन्हें कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए उनके शोसल सिक्युरिटी नंबर ब्लॉक करने, उनके द्वारा फर्जी तरीके से लोन लिए जाने, उनके द्वारा ड्रग्स प्रयोग करने तथा उनके द्वारा फर्जी बैंक खाते खुलवाने इत्यादि का भय दिखाकर उनसे 200 से 500 डॉलर की डिमांड करते है और भुगतान ना करने और सोशल सिक्योरिटी नंबर करने के लिए कहते व उनपर दबाव बनाने के लिए उनके पास फर्जी अरेस्ट वारंट भेजते। आरोपियों से पुलिस पूछताछ में यह भी ज्ञात हुआ कि ये अमेरिका के नागरिकों को सोसल सेक्युर्टी नंबर को ब्लॉक करने व उन पर विभिन्न प्रकार से उनपर कानूनी दबाव बनाकर उनसे  200-500 डालर के गिफ्ट कार्ड खरीदकर उनको रीडीम करवाकर धोखाधड़ी से राशि प्राप्त कर लेते है।
                          आरोपियों द्वारा धोखाधड़ी की वारदातों को अंजाम देने में प्रयोग किये जा रहे 02 लैपटाप व 02 मोबाइल फोन पुलिस टीम द्वारा आरोपियों के कब्जा से बरामद किए गए है।

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