प्रज्वल रेवन्ना को बेंगलुरू हवाई अड्डे से महिला पुलिसकर्मियों ने किया गिरफ्तार

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September 17, 2026

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प्रज्वल रेवन्ना को बेंगलुरू हवाई अड्डे से महिला पुलिसकर्मियों ने किया गिरफ्तार

-केवल महिला अफसरों ने ही क्यों पकड़ा? सामने आई वजह

बेंगलुरु/शिव कुमार यादव/- प्रज्वल रेवन्ना 34 दिनों बाद जर्मनी से वापस आ गए हैं। गुरुवार की रात एक बजे वह बेंगलुरु एयरपोर्ट पहुंचे, जहां उन्हें महिला पुलिस अफसरों ने घेर लिया। जब वह एयरपोर्ट पर उतरे तो वहां पहले से ही महिला पुलिसकर्मियों की एक टीम गिरफ्तारी वारंट की तामील करने के लिए उनका इंतजार कर रही थी। लेकिन जब सवाल उठा कि प्रज्वल को महिला पुलिस ने ही क्यों गिरफ्तार किया तो इसकी वजह भी सामने आ गई क्योंकि इस टीम का नेतृत्व दो लेडी आईपीएस अफसर कर रही थी। हालांकि कुछ लोगों ने इसमें कोई चाल होने की बात कहकर सवाल खड़ा किया था। लेकिन स्वयं पुलिस ने इस मामले में खुलासा कर सबको जवाब दे दिया।

        जेडीएस यानी जनता दल (सेक्युलर) ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया है। प्रज्वल रेवन्ना पार्टी के संरक्षक एच. डी. देवेगौड़ा के पोते और हासन लोकसभा सीट से सांसद हैं। इस बार भी हासन सीट से प्रज्वल एनडीए के उम्मीदवार हैं। रेवन्ना पर 33 महिलाओं का यौन शोषण करने का आरोप है। उनके खिलाफ अभी तक यौन उत्पीड़न के तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। उनके खिलाफ रेप का भी मामला दर्ज है।

महिला अफसरों ने लिया एक्शन
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एसआईटी के सूत्रों ने बताया कि वह जर्मनी के म्यूनिख से बेंगलुरु आए विमान से जैसी ही उतरे, खाकी वर्दीधारी महिलाओं ने उन्हें हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी वारंट को क्रियान्वित किए जाने की प्रक्रिया के तहत उन्हें महिला पुलिसकर्मियों के दल ने घेर लिया। इस दल का नेतृत्व दो आईपीएस अधिकारियों सुमन डी पेन्नेकर और सीमा लाटकर ने किया। इसके बाद प्रज्वल रेवन्ना को एक जीप में सीआईडी कार्यालय ले जाया गया। जीप में केवल महिला पुलिसकर्मी ही थीं।

क्यों उठाया यह कदम
एसआईटी के एक सूत्र ने कहा, ‘प्रज्वल को गिरफ्तार करने के लिए सभी महिला अधिकारियों को भेजने का कदम जानबूझकर उठाया गया। इस कदम से यह संदेश गया कि जद(एस) नेता ने एक सांसद के रूप में अपने पद और शक्ति का महिलाओं के खिलाफ दुरुपयोग किया और उन्हीं महिलाओं के पास कानूनी कार्यवाही के जरिए उन्हें गिरफ्तार करने का अधिकार है। सूत्र ने कहा कि इसके जरिए पीड़िताओं को यह प्रतीकात्मक संदेश भी दिया गया कि महिला अधिकारी किसी से नहीं डरतीं।

27 अप्रैल को गए थे जर्मनी
दरअसल, प्रज्वल लोकसभा चुनाव के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र में हुए मतदान के एक दिन बाद 27 अप्रैल को जर्मनी चले गए थे और बीती देर रात करीब एक बजे लौटे। पूरे 34 दिनों बाद उनकी देश वापसी हो पाई है। आज उन्हें अदालत में पेश किया जाना था। उन्होंने पहले ही एक्स पर पोस्ट कर कहा था कि वह 31 मई को अदालत के सामने पेश होंगे।

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