पौड़ी/गढ़वाल/उमा सक्सेना/- राष्ट्रीय महिला आयोग के विशेष अभियान “महिला आयोग आपके द्वार” के तहत जनपद पौड़ी गढ़वाल में एक महत्वपूर्ण जनसुनवाई का आयोजन किया गया। विकास भवन सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने की। जनसुनवाई के दौरान कुल 18 मामलों पर विस्तार से सुनवाई की गई, जिनमें 13 लिखित शिकायतें और 5 टेलीफोन के माध्यम से प्राप्त शिकायतें शामिल थीं। कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि कुछ प्रकरणों को आगे की जांच और कार्रवाई के लिए आयोग के समक्ष सूचीबद्ध किया गया।
शिक्षा विभाग के मामले में सख्त रुख
जनसुनवाई के दौरान शिक्षा विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया, जिसमें एक महिला प्रधानाचार्य ने खंड शिक्षा अधिकारी पर मानसिक उत्पीड़न और वेतन रोकने का आरोप लगाया। इस शिकायत पर गंभीरता दिखाते हुए महिला आयोग की अध्यक्ष ने जिलाधिकारी स्तर पर जांच समिति गठित करने और संबंधित अधिकारी के तत्काल स्थानांतरण के निर्देश मुख्य शिक्षा अधिकारी को दिए।
वायरल फोटो मामले में पुलिस को कड़ी कार्रवाई के निर्देश
यमकेश्वर क्षेत्र से आई एक शिकायत में सोशल मीडिया पर फोटो वायरल किए जाने और पुलिस की धीमी कार्रवाई को लेकर भी नाराजगी जताई गई। इस पर अध्यक्ष ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को तुरंत मुकदमा दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
अस्पताल से जुड़ी शिकायत पर भी कार्रवाई
जनसुनवाई के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबो में तैनात एक नर्सिंग अधिकारी ने अपने सहकर्मी पर शराब के नशे में अभद्र व्यवहार करने और सोशल मीडिया पर अनुचित टिप्पणी करने का आरोप लगाया। इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आरोपी से स्पष्टीकरण लेने और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
ई-श्रम कार्ड की समस्या का मौके पर समाधान
जनसुनवाई में आई एक अन्य शिकायत में 53 वर्षीय महिला मंजू देवी ने अपना ई-श्रम कार्ड न बनने की समस्या बताई। इस पर अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करते हुए उनका कार्ड जारी करने के निर्देश दिए गए और समस्या का समाधान मौके पर ही करा दिया गया।
वन स्टॉप सेंटर की समीक्षा
बैठक के दौरान वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल 2025 से अब तक 540 मामलों में से 460 मामलों का सफल निस्तारण किया जा चुका है।
महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा पर जोर
कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभागों में आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाएं घर और कार्यस्थल दोनों जगह जिम्मेदारियां निभाती हैं, इसलिए उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इस जनसुनवाई कार्यक्रम में कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे और महिलाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।


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