पीएम मोदी ने किया कृषि वैज्ञानिक स्वामीनाथन का सम्मान, कहा — उनसे बहुत कुछ सीखा

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August 23, 2026

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पीएम मोदी ने किया कृषि वैज्ञानिक स्वामीनाथन का सम्मान, कहा — उनसे बहुत कुछ सीखा

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आईसीएआर पूसा में एमएस स्वामीनाथन शताब्दी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। साथ ही पीएम मोदी ने प्रोफेसर एम.एस. स्वामीनाथन को समर्पित एक स्मारक सिक्का और शताब्दी स्मारक टिकट जारी किया। साथ ही उन्होंने इस सम्मलेन को संबोधित करते हुए कहा कि, ‘कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जिनका योगदान किसी एक कालखंड तक सीमित नहीं रहता है।

पीएम मोदी ने कहा कि प्रोफ़ेसर एम.एस. स्वामीनाथन ऐसे ही महान व्यक्ति थे और मां भारती के सपूत थे। उन्होंने विज्ञान को जन सेवा का माध्यम बनाया। उन्होंने वो चेतना जागृत की जो आने वाले कई सदियों तक भारत की नीतियां और प्राथमिकताओं को दिशा देती रहती है। मैं आप सभी को स्वामीनाथन जन शताब्दी समारोह की शुभकामनाएं देता हूं।”

आज राष्ट्रीय हथकरघा दिवस भी है- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज राष्ट्रीय हथकरघा दिवस भी है। पिछले 10 सालों में हथकरघा को देशभर में नई पहचान और ताकत मिली है।  मैं आप सभी को हथकरघा क्षेत्र से जुड़े लोगों को ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’ की बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर स्वामीनाथन के साथ मेरा जुड़ाव कई वर्षों पुराना था। गुजरात की पहले की स्थितियां बहुत लोगों को पता है। पहले वहां सूखे और चक्रवात की वजह कृषि पर काफी सकंट रहता था, कच्छ का रेगिस्तान बढ़ता चला जा रहा था। जब मैं मुख्यमंत्री था उसी दौरान हमने मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना पर काम शुरू किया। प्रोफेसर स्वामीनाथन ने उसमें बहुत ज्यादा दिलचस्पी दिखाया, उन्होंने खुले दिल से हमें सुझाव दिया, हमारा मार्गदर्शन किया। उनके योगदान से इस पहल को जबरदस्त सफलता भी मिली।”

हर मुलाकात मेरे लिए एक बहुमूल्य शिक्षण अनुभव था- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, ‘उनसे(प्रो. एम. एस. स्वामीनाथन) हुई हर मुलाकात मेरे लिए एक बहुमूल्य शिक्षण अनुभव था। उन्होंने कहा था, “विज्ञान केवल खोज के बारे में नहीं है, बल्कि वितरण के बारे में है।’उन्होंने अपने कार्यों से इसे सिद्ध किया। वो केवल रिसर्च नहीं करते थे, बल्कि खेती के तौर-तरीके बदलने के लिए किसानों को प्रेरित भी करते थे। आज भी भारत के कृषि क्षेत्र में उनकी दृष्टिकोण, उनके विचार हर तरफ नजर आते हैं। वो सही मायने में मां भारती के रत्न थे।”

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