पीएम मोदी और राष्ट्रपति ली ने दिया शांति और साझेदारी का संदेश

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-भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों को नई दिशा -नई दिल्ली में हुई अहम द्विपक्षीय बैठक

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-  नरेंद्र मोदी और ली जे-म्युंग के बीच सोमवार को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने भारत-कोरिया बिजनेस लीडर्स डायलॉग में हिस्सा लिया और आर्थिक, तकनीकी तथा रणनीतिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने पर जोर दिया। बैठक के दौरान दोनों देशों ने साफ संदेश दिया कि वैश्विक तनाव और अस्थिरता के दौर में भारत और दक्षिण कोरिया शांति, स्थिरता और सहयोग का रास्ता चुन रहे हैं।

वैश्विक तनाव के बीच शांति का साझा संदेश
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया कई तरह के संघर्ष और तनाव से गुजर रही है, लेकिन भारत और दक्षिण कोरिया मिलकर शांति और स्थिरता का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सोच इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को लेकर एक जैसी है और दोनों देश एक शांतिपूर्ण, सुरक्षित और समावेशी क्षेत्र के निर्माण के लिए साथ मिलकर काम करेंगे।

AI, सेमीकंडक्टर और तकनीक में बढ़ेगा सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि भारत और दक्षिण कोरिया के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए “इंडिया-कोरिया डिजिटल ब्रिज” शुरू किया जाएगा। इसके जरिए दोनों देशों की कंपनियां और विशेषज्ञ नई तकनीकों पर मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा जहाज निर्माण, इस्पात, बंदरगाह, सतत विकास और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

व्यापार को 2030 तक 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य
दोनों देशों ने यह लक्ष्य तय किया है कि भारत और दक्षिण कोरिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार को वर्ष 2030 तक 50 अरब डॉलर तक पहुंचाया जाएगा। वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 27 अरब डॉलर के स्तर पर है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए “इंडिया-कोरिया फाइनेंशियल फोरम” और “इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन कमेटी” की शुरुआत की गई है। साथ ही भारत में दक्षिण कोरियाई उद्योगों, खासकर छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए विशेष औद्योगिक टाउनशिप स्थापित की जाएंगी।

सांस्कृतिक रिश्तों को भी मिलेगी मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में के-पॉप और के-ड्रामा तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, वहीं दक्षिण कोरिया में भारतीय फिल्मों और संस्कृति के प्रति भी लोगों का आकर्षण बढ़ रहा है। इसी सांस्कृतिक जुड़ाव को और मजबूत बनाने के लिए वर्ष 2028 में भारत-दक्षिण कोरिया फ्रेंडशिप फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दोनों देश फिल्म, एनीमेशन और गेमिंग जैसे रचनात्मक क्षेत्रों में भी साथ मिलकर नई संभावनाएं तलाशेंगे।

राष्ट्रपति ली ने भारत की विकास यात्रा की सराहना की
राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने प्रधानमंत्री मोदी, भारत सरकार और भारतीय जनता के आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और सबसे तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के “विकसित भारत 2047” विजन की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज ग्लोबल साउथ का मजबूत नेता बनकर उभरा है।

भविष्य की साझेदारी की ओर बढ़े दोनों देश
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि आने वाले वर्षों में भारत और दक्षिण कोरिया के संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि तकनीक, सुरक्षा, संस्कृति, ऊर्जा और वैश्विक मंचों पर भी दोनों देश एक-दूसरे के मजबूत साझेदार बनेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया की यह साझेदारी न केवल दोनों देशों बल्कि पूरे विश्व के लिए प्रगति और समृद्धि का नया रास्ता खोलेगी।

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