पारंपरिक पुरूष प्रधान समाज में अपारंपरिक महिला की यथार्थवादी कहानी है मीता की कहानी

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
MTWTFSS
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930 
September 23, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

पारंपरिक पुरूष प्रधान समाज में अपारंपरिक महिला की यथार्थवादी कहानी है मीता की कहानी

-चौथा आयाम प्रवीण कुमार द्वारा निर्देशित विजय तेंदुलकर की नाटक मीता की कहानी प्रस्तुत करता है

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- पारंपरिक पुरुष प्रधान समाज में अपरंपरागत महिलाओं के बीच मीता की कहानी एक ऐसी लड़की की कहानी है जो एक होने की चुनौतियों का सामना कर रही है।
                प्रख्यात मराठी द्वारा लिखित यथार्थवादी नाटक “मीता की कहानी“, नाटककार विजय तेंदुलकर जिसमें बापू एक लड़की की कहानी सुनाते है। दोस्त सुमित्रा उर्फ “मीता“ जो बचपन से लड़कों की तरह रही है। लड़कों के साथ रहने से उसका व्यवहार उनके जैसा हो गया है। इस बदली परिस्थिति में वह एक लड़की को पसंद करने लगती है। उसके लिए उसका प्यार/जुनून, लड़की/समान लिंग के परिणामस्वरूप समाज और परिवार से गलत प्रतिक्रिया व अपमान मिलता है। बाद में अप्रत्याशित गंभीर परिणाम …..

विजय तेंदुलकर द्वारा लिखित व फोर्थ डाइमेशन के निर्देशक प्रवीण कुमार द्वारा निर्देशित मीता की कहानी को 14 मई को आई एच सी इंडिया हैबिटेट सैंटर लोधी रोड़ नई दिल्ली पर प्रदर्शित किया जा रहा है।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox