पाकिस्तान समेत कई देश कर रहे हैं गुप्त परमाणु परीक्षण

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 20, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने दावा किया है कि पाकिस्तान, रूस, चीन और उत्तर कोरिया जैसे देश लगातार परमाणु हथियारों के गुप्त परीक्षण कर रहे हैं। इसी के चलते उन्होंने अमेरिका से भी तत्काल अपने परमाणु परीक्षण कार्यक्रम को दोबारा शुरू करने की अपील की है।

अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर मंडरा सकता है नया खतरा

ट्रंप ने अमेरिकी चैनल सीबीएस न्यूज़ के शो 60 मिनट्स में दिए इंटरव्यू में कहा कि दुनिया के कई देश अपनी रक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से परीक्षण कर रहे हैं, जबकि अमेरिका अब तक रोक लगाकर बैठा है। उनका कहना है कि जब बाकी राष्ट्र लगातार हथियारों का परीक्षण कर रहे हैं, तो अमेरिका के लिए भी पीछे रहना खतरनाक साबित हो सकता है।

ट्रंप ने खुलकर कहा कि “रूस अपने नए मिसाइल सिस्टम पर काम कर रहा है, चीन भी लगातार परीक्षण कर रहा है, और उत्तर कोरिया तो पहले से ही अपनी क्षमता दिखा रहा है। पाकिस्तान भी इसी राह पर है, इसलिए अब अमेरिका को भी तैयार रहना होगा।”

परमाणु संतुलन पर बढ़ेगी कूटनीतिक चुनौती

ट्रंप ने आगे कहा कि दुनिया में बढ़ती हथियारों की होड़ ने अब एक नई प्रतिस्पर्धा का रूप ले लिया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका के पास पहले से ही इतनी बड़ी परमाणु क्षमता है कि वह “पूरी पृथ्वी को कई बार नष्ट कर सकता है,” लेकिन तकनीकी अद्यतन और परीक्षण न होने से यह क्षमता बेअसर हो सकती है।ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और चीन के बीच दक्षिण कोरिया में एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका ने सच में परीक्षण दोबारा शुरू किए, तो यह कदम रूस और चीन जैसे देशों के साथ तनाव को और बढ़ा सकता है।

नए परीक्षण की तैयारी, पर समय और स्थान गोपनीय

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने अपने परमाणु परीक्षण को फिर से शुरू करने की प्रारंभिक तैयारी पहले ही शुरू कर दी है। हालांकि, ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि परीक्षण कब और कहाँ होंगे। इतना जरूर कहा कि यह फैसला वैश्विक शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप के इस बयान से आने वाले महीनों में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है, खासकर तब जब रूस और चीन पहले से ही अपनी सैन्य क्षमता को लेकर आक्रामक रुख दिखा रहे हैं।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox