पश्चिमी दिल्ली में गहराया जल संकट, द्वारका और मियांवाली नगर में पानी के लिए जूझ रहे लोग

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September 28, 2026

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नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-    राजधानी दिल्ली के पश्चिमी इलाकों में पानी की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है। द्वारका, मियांवाली नगर समेत कई कॉलोनियों में जल शोधन संयंत्रों से आपूर्ति कम होने के कारण हालात बेहद खराब हो गए हैं। नलों में पानी न आने से लोग पीने के पानी के लिए बाजार से बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर हैं, जबकि रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी जुटाना बड़ी चुनौती बन गया है। सर्दियों के मौसम में भी इस तरह की समस्या ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।

मियांवाली नगर के निवासियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से जलापूर्ति लगभग बंद है। शिकायत करने पर अधिकारियों की ओर से सिर्फ इतना बताया जाता है कि देर रात पानी छोड़ा जाता है, लेकिन समय को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती। ऐसे में लोग पूरी रात इंतजार करते रहते हैं, फिर भी टंकियां खाली ही रह जाती हैं। मजबूरी में पीने के लिए पैकेज्ड पानी खरीदा जा रहा है, लेकिन नहाने, कपड़े धोने और घर के अन्य कामों के लिए पानी का इंतजाम कैसे हो, यह सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है।

इलाके में रहने वाले बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई घरों में केवल वृद्ध दंपती रहते हैं, जिनके बच्चे बाहर काम करते हैं। अगर कभी टैंकर आता भी है, तो भारी बर्तनों और बाल्टियों में पानी भरना उनके लिए आसान नहीं होता। टंकी तक पानी पहुंचाना उनके लिए किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं है।

द्वारका सेक्टर-5 स्थित नीमछाया अपार्टमेंट के निवासियों ने भी गंभीर संकट की बात कही। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दो दिनों से पानी नाम मात्र के लिए आ रहा है और इमारतों की टंकियां खाली हो चुकी हैं। बहुमंजिला सोसायटियों में रहने वालों के लिए हालात और जटिल हैं, क्योंकि सीमित स्टोरेज में पूरे परिवार की जरूरतें पूरी करना संभव नहीं हो पा रहा। लोगों ने दिल्ली जल बोर्ड की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सिर्फ एडवाइजरी जारी करने से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि आपातकालीन योजना बनाकर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए।

गौरतलब है कि ऐसी स्थिति आमतौर पर गर्मियों में देखने को मिलती थी, लेकिन इस बार सर्दी के मौसम में ही पानी का संकट लोगों के पसीने छुड़ा रहा है। अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

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