पणजी से टिकट नहीं मिला तो उत्पल ने छोड़ी भाजपा, निर्दलीय लड़ेंगे

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पणजी से टिकट नहीं मिला तो उत्पल ने छोड़ी भाजपा, निर्दलीय लड़ेंगे

-कहा- मुझे जनता का सपोर्ट, नही मानी भाजपा नेताओं की राय, भाजपा को बड़ा झटका

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/गोवा/शिव कुमार यादव/- पणजी से टिकट न मिलने से नाराज चल रहे गोवा के पूर्व ब्ड मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल ने ठश्रच् छोड़ दी है। मनोहर पर्रिकर भी इसी सीट से चुनाव लड़ा करते थे। गुरुवार को भाजपा ने विधानसभा चुनाव लिए 34 कैंडिडेट्स की लिस्ट जारी की, लेकिन इसमें उत्पल का नाम नहीं था। पार्टी ने यहां से बाबुश मोनसेराटे को टिकट दिया है, जो हमेशा मनोहर पर्रिकर के विरोधी रहे थे।

इसके बाद से ही उत्पल के भाजपा छोड़ने की अटकलें थीं। शुक्रवार को उन्होंने साफ कर दिया कि वे पणजी सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि पणजी की जनता का उन्हें सपोर्ट है और वही उनके भाग्य का फैसला करे। उत्पल बोले की भाजपा को पिछले और इस चुनाव में समझाया था कि कार्यकर्ता और लोगों, दोनों का सपोर्ट है पर टिकट नहीं मिला।

उत्पल ने कहा कि मैंने पिछले और इस चुनाव के दौरान अपनी पार्टी को यह समझाने की पूरी कोशिश की कि मुझे न केवल पार्टी के सभी सदस्यों का, बल्कि पणजी के लोगों का भी समर्थन हासिल है। इसके बावजूद मैं पणजी से उम्मीदवारी नहीं कर पा रहा हूं। यहां से किसी ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया गया है, जो पिछले 2 साल में पार्टी में आया है। इसलिए मैं आगे बढ़ना चाहता हूं और पणजी के लोगों को मेरे राजनीतिक भाग्य का फैसला करने देना चाहता हूं।

भाजपा की लिस्ट जारी होते ही आम आदमी पार्टी ने उत्पल पर्रिकर को अपने टिकट पर पणजी से लड़ने का ऑफर दिया था। अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि गोवा की जनता भाजपा की यूज एंड थ्रो पॉलिसी से दुखी है। पर्रिकर परिवार के साथ भी उन्होंने ऐसा ही किया। मैंने हमेशा मनोहर पर्रिकरजी का सम्मान किया है। अगर उत्पल जी ।।च् जॉइन करते हैं तो उनका स्वागत है और वे हमारी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं।

उत्पल पर्रिकर पहले ही यह बात कह चुके थे कि वे पिता की सीट पणजी से चुनाव लड़ना चाहते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्पल को भाजपा ने दो अन्य जगहों से चुनाव लड़ने का ऑफर दिया था, पर उन्होंने इसे ठुकरा दिया। भाजपा की लिस्ट जारी होने के बाद उत्पल ने अपना स्टैंड जल्द क्लियर करने की बात कही थी। मनोहर पर्रिकर गोवा में ठश्रच् का सबसे बड़ा चेहरा थे। वे 4 बार यहां के मुख्यमंत्री भी रहे। 2019 में कैंसर से उनका निधन हो गया था।

मनोहर पर्रिकर गोवा में भाजपा के सबसे बड़े नेता हुआ करते थे। वे यहां के लोकप्रिय मुख्यमंत्री भी रहे। बाद में मोदी सरकार में उन्हें रक्षा मंत्री बनाया गया। ऐसे में उनके बेटे का चुनाव से पहले पार्टी छोड़ना ठश्रच् को नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि पार्टी को उनके जाने की उम्मीद नहीं थी। महाराष्ट्र के पूर्व ब्ड देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि हमें लगा था कि उत्पल हमारा ऑफर स्वीकार कर लेंगे। भाजपा ने हमेशा ही मनोहर पर्रिकर जी के परिवार को सम्मान दिया है। उम्मीद है कि कोई विद्रोह नहीं होगा।

भाजपा सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने सीटों के ऑप्शन के अलावा उत्पल से यह भी कहा था कि अगर वे चुनाव हारते हैं तो भी उन्हें संगठन में पद दिया जाएगा। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, हमने उनके साथ अगले 5 साल के लिए बड़ी योजना बनाई थी। उन्हें 2027 में बेहतर तरीके से लॉन्च करने की बात कही थी।

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