पंजाब व दिल्ली में कई बड़े हिंदू नेताओं की हत्या की थी योजना

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पंजाब व दिल्ली में कई बड़े हिंदू नेताओं की हत्या की थी योजना

-आतंकियों ने पूछताद में उगले कई राज, खालिस्तानी गतिविधियों को बढ़ाना था लश्कर ए तैयबा व आईएसआई का मंसूबा

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/भावना शर्मा/- देश में कई प्रभावशाली हिन्दू नेताओं की हत्या करने के साथ-साथ,बड़ी रैलियों में धमाकों को अंजाम देना और पंजाब व दिल्ली में खालिस्तानी गतिविधियों को बढ़ाने की लश्कर ए तैयबा व आईएसआई की बड़ी योजना थी। इसी के चलते लश्कर ए तैयबा ने अपने हैंडलर को दिल्ली में भेजा था।
               आतंकी नौशाद को जहां नेताओं और रेलियों को निशाना बनाना था,वहीं जगजीत को खालिस्तानी संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हाल में दोनों को एक साथ जोड़ दिया गया था ,जिसके बाद ये दोनों पंजाब गए और वहां कई लोगों से मूलाकात की और जगहों की रेकी भी की, जिसके ब्लूप्रिंट इन आतंकियों के पास से बरामद हुए है। इन लोगों ने हैड ग्रेनेड, हथियार समेत कई चीजें मुहैया भी कर ली थी और अपने स्लीपर सेल को एक्टिव कर दिया था, बस ये लोग अपने आका अर्शदीप के आदेश का इंतजार कर रहें थे।
                लेकिन संगठन इस बात से चूक गए थे मौजूदा समय में आईबी और स्पेशल सेल लगातार आतंकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी ,जिसके चलते हाल के दिनों में कुछ कॉल इंटरस्पेट की गई और हाल में जब एक कथित व्यक्ति नौशाद को उसके बैंक खाते में दो लाख रुपए भेजे गए जो पैसा एक संदिज्ध खाते से आया,जिसके बाद ही एजेंसियां सतर्क हो गई।
                सेल अभी उन पर और निगाह रखती लेकिन इसी बीच उन्होंने हत्या की एक वारदात को अंजाम दे दिया,जिसके चलते पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। हालांकि अभी उनके सपंर्क के कई स्लीपर सेल गिरफ्त से दूर है ,जिसके लिए कई राज्यों की पुलिस को हाईअलर्ट पर रखा गया है।

तालिबानी संगठन की तरह राजकुमार का सिर कलम कर भारत को देना था संदेश
15 दिसंबर को दोनों ने भलस्वा डेरी स्थित अपने किराए के कमरे में राज कुमार नाम के युवक की बेरहमी से हत्या कर 37 सेंकेंड का वीडियो बना उसे पाकिस्तान में बैठे लश्कर ए तैयबा के आतंकी सोहैल को भेजा था। आइएस स्टाइल में राज कुमार का सिर कलम किया गया था। कमरे में पहले शव के तीन टुकड़े किए गए बाद में कई और टुकड़े कर उसे भलस्वा डेरी के झोड़ में फेंक दिया गया था।
               ऐसा इसलिए किया गया ताकि आतंकियों को भरोसा हो सके कि दोनों बड़ा काम भी कर सकते हैं। कुशवाहा ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि दोनों देश के कई बड़े हिंदू नेताओं की हत्या करने की साजिश रच रहे थे। इसके लिए उन्हें पाकिस्तान व कनाडा से लगातार बड़ी रकम भेजे गए हैं। कितना पैसा भेजा गया स्पेशल सेल इस बारे में जानकारी जुटा रही है। नौशाद ने जगजीत सिंह को पैसों का लालच देकर साजिश में शामिल किया था।
               एडिशनल पुलिस कमिश्नर स्पेशल सेल प्रमोद सिंह कुशवाहा ने रविवार को संक्षिप्त जानकारी देते हुए बताया कि घटना वाली रात नौशाद और जगजीत, राज कुमार से दोस्ती कर उसके बहला फुसला कर अपने कमरे पर ले आए थे। वहां उसके हाथ-पैर बांध गर्दन काट दी गई और शव के कई टुकड़े कर दिए। गर्दन काटने का वीडियो बनाकर नौशाद ने पाकिस्तान में रह रहे सोहैल को भेज दिया था।
             स्पेशल सेल को अभी कुछ ही कंकाल मिले हैं। सेल के मुताबिक ये लोग इस वीडियों को अपनी साजिश को पुरा करने के बाद वायरल करने वाले थे,ताकि भारत को अपना मैसेज दे सके। बता दे कि 21 वर्षीय राजकुमार भलस्वा का ही रहने वाला था। वह नशे का आदी था और क्राइम ब्रांच का बड़ा मुखबिर बताया जा रहा है।
             हालांकि स्पेशल सेल अभी मृतक का नाम राज कुमार होने व मुखबिर होने की पुष्टि नहीं की है। बताया जा रहा है कि राज कुमार ने किसी धार्मिक स्थल पर पत्थर मारा था। जिस वजह से उसे ही शिकार बनाया गया।

लालकिले कांड में बंद आतंकियों के संपर्क में थे दोनों आंतकी
नौशाद और जगजीत की मुलाकात कुछ समय पहले हल्द्वानी जेल में हुई थी। इससे पूर्व में नौशाद की मुलाकात कई साल पहले तिहाड़ जेल में बंद लालकिला गोलीकांड मामले में फांसी की सजा पाए लश्कर ए तैयबा के आतंकी मोहम्मद अशफाक उर्फ आरिफ और लश्कर के दूसरे आतंकी सोहैल से हुई थी। सोहैल किसी अन्य मामले में जेल में बंद था। जेल से रिहा होने पर सोहैल 2018 में वापस पाकिस्तान चला गया था।
            पिछले वर्ष अप्रैल में नौशाद के जेल से बाहर आने के बाद वह लगातार सोहैल के संपर्क में रहने लगा था। सोहैल ने नौशाद को राइट विंग के प्रभावशाली हिंदू नेताओं की हत्या और जगजीत सिंह को पंजाब समेत अन्य राज्यों में खालिस्तानी गतिविधियों को बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके लिए नौशाद को उसके बैंक खाते में दो लाख रुपए भेजे गए। उक्त पैसा उसके कतर में रहने वाले साले के जरिए भेजा गया था।

जगजीत सिंह उर्फ जग्गा और नौशाद को बीते बृहस्पतिवार को जहांगीरपुरी इलाके से गिरफ्तार किया गया था। इनके पास से पहले तीन पिस्टल और 22 कारतूस मिले थे। पहले दोनों के कनाडा में छिपे आतंकी अर्शदीप सिंह डल्ला व पाकिस्तान में छिपे कुछ खालिस्तान समर्थक आतंकियों के संपर्क में होने की जानकारी मिली थी। खालिस्तान समर्थक आतंकियों के इशारे पर भी दोनों के देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रचे जाने की जानकारी मिली थी। अर्शदीप डल्ला इन्हें कंट्रोल कर रहा था। दोनों के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। नौशाद पर पहले के हत्या के दो केस दर्ज हैं।

कौन है दोनों आंतकी

नौशाद दिल्ली के जहांगीरपुरी का निवासी। आतंकवादी संगठन हरकत-उल-अंसार के सदस्य नौशान को हत्या के दो मामलों में उम्रकैद की सजा हुई थी। नौशाद ने एक्सप्लोजिव ऐक्ट में 10 साल जेल की सजा भी काटी है।

जगजीत सिंह उर्फ याकूब (29), उत्तराखंड के उधम सिंह नगर का निवासी। बंबीहा गैंग के सदस्य याकूब ने उत्तराखंड के एक मर्डर केस में परोल जंप किया। वह गैंगस्टर से आतंकी बने अर्शदीप डल्ला और सुक्खा का गुर्गा है।

स्पेशल सेल ने किए ये खुलासे
पुलिस को संदिग्धों के फोन से एक शख्स का सिर कलम करते हुए वीडियो मिला है। लाश के टुकड़े-टुकड़े करते हुए भी वीडियो बनाया। शव डीकंपोज हो चुका है, शिनाख्त नहीं हो सकी। हत्या कम से कम 3-4 हफ्ते पहले हुई। उनके घर में खून के निशान मिले हैं, फ्रिज पर भी।
             पूछताछ के बाद पुलिस ने उत्तर-पश्चिमी दिल्ली से शव के टुकड़े बरामद किए। मृतक के हाथ में त्रिशूल जैसा टैटू बना है जिसके सहारे शिनाख्त की कोशिश हो रही है।

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