निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिले की प्रक्रिया आज से शुरू

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
MTWTFSS
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930 
September 21, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-फॉर्म भरने की आखिरी तिथि 27 दिसंबर, पहली चयन सूची 23 जनवरी को जारी

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-    दिल्ली में 2026-27 के शैक्षणिक सत्र के लिए निजी स्कूलों में नर्सरी और केजी में दाखिले की प्रक्रिया आज (4 दिसंबर) से शुरू हो रही है। राजधानी के लगभग 1753 निजी स्कूलों में अभिभावक अब आवेदन फॉर्म भर सकते हैं। फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 27 दिसंबर तय की गई है। 

इस वर्ष अधिकांश स्कूलों ने आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन, ऑफलाइन और क्यूआर कोड के माध्यम से फॉर्म भरने की सुविधा उपलब्ध कराई है। दाखिले की सामान्य श्रेणी की 75 फीसदी सीटें 100 अंक के फॉर्मूले से भरी जाएंगी, जबकि शेष 25 फीसदी सीटें आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के बच्चों के लिए अलग से आरक्षित होंगी।

अभिभावक आवेदन करने के बाद 9 जनवरी को आवेदनकर्ताओं की सूची, 16 जनवरी को बच्चों के अंकों के साथ सूची और 23 जनवरी को पहली चयन सूची (प्रतीक्षा सूची के साथ) जारी होगी। यदि कोई समस्या उत्पन्न होती है तो इसे 24 जनवरी से 3 फरवरी के बीच हल किया जाएगा। 

दूसरी सूची 9 फरवरी को और अंतिम सूची 5 मार्च को जारी की जा सकती है। दाखिले की प्रक्रिया 19 मार्च तक पूरी हो जाएगी।

स्कूलों में आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए शिक्षा निदेशालय ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत स्कूल केवल 25 रुपये में फॉर्म उपलब्ध कराएंगे और अभिभावकों से प्रोस्पेक्टस खरीदना अनिवार्य नहीं होगा। 

स्कूल किसी भी प्रकार की कैपिटेशन फीस या डोनेशन नहीं वसूल सकते। नर्सरी में दाखिले के लिए बच्चे की न्यूनतम आयु तीन साल और अधिकतम चार वर्ष, केजी में चार से पांच वर्ष और पहली कक्षा में पांच से छः वर्ष निर्धारित की गई है।

अभिभावक अपने आवास पते के प्रमाण के रूप में राशन कार्ड, डोमिसाइल प्रमाणपत्र, वोटर आई-कार्ड, बिजली/पानी/टेलीफोन बिल या बच्चे के नाम का पासपोर्ट तथा माता-पिता का आधार कार्ड प्रस्तुत कर सकते हैं। स्कूलों में अभिभावकों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क भी तैयार किए गए हैं और कुछ स्कूलों ने QR कोड के माध्यम से फॉर्म भरने का विकल्प भी दिया है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox