नासा ने असंभव को संभव कर दिखाया, नासा के स्पेसक्राफ्ट ने सूर्य को छूकर रचा इतिहास

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
MTWTFSS
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930 
September 21, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

नासा ने असंभव को संभव कर दिखाया, नासा के स्पेसक्राफ्ट ने सूर्य को छूकर रचा इतिहास

-नासा के अंतरिक्ष यान पार्कर सोलर प्रोब ने पार की 20 लाख डिग्री की गर्मी

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नासा/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/-  अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने असंभव को संभव कर दिखाया है। उसके अंतरिक्ष यान पार्कर सोलर प्रोब ने विज्ञान की दुनिया में इतिहास रचते हुए पहली बार सूर्य को छुआ है। ये एक ऐसी उपलब्धि है, जिसे अभी तक असंभव माना जाता था। इतिहास में पहली बार किसी अंतरिक्ष यान ने सूर्य के कोरोना को छुआ है. जिसका वातावरण करीब 20 लाख डिग्री फारेनहाइट रहता है। इसे सोलर विज्ञान और अंतरिक्ष की दुनिया में नासा के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है।
                पार्कर सोलर प्रोब ने 28 अप्रैल को सूर्य के ऊपरी वायुमंडल कोरोना में सफलतापूर्वक प्रवेश किया और उड़ान भरी. फिर उसने आग के गोले (सूर्य) की सतह पर स्थित कणों और चुंबकीय क्षेत्रों का नमूना लिया। ये सफलता हार्वर्ड एंड स्मिथसोनियन में सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स के सदस्यों सहित वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के बड़े स्तर पर किए गए सहयोग के कारण संभव हो सकी है। इन्होंने प्रोब में लगे एक महत्वपूर्ण उपकरण सोलर प्रोब कप  का निर्माण किया और फिर उसकी निगरानी की।
                यह कप ही वो उपकरण है, जिसने सूर्य के वायुमंडल से कण एकत्र किए हैं, जिससे वैज्ञानिकों को यह सत्यापित करने में मदद मिली कि अंतरिक्ष यान वास्तव में कोरोना को पार गया था। कप द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों के अनुसार, अंतरिक्ष यान ने 28 अप्रैल को पांच घंटे में तीन बार कोरोना में प्रवेश किया। ऐतिहासिक उपलब्धि के बारे में बताने वाला साइंटिफिक पेपर फिजिकल रिव्यू लेटर्स में प्रकाशित हुआ है. जिसमें सीएफए एस्ट्रोफिजिसिस्ट एंथनी केस ने बताया कि कैसे सोलर प्रोब कप अपने आप में इंजीनियरिंग की एक अविश्वसनीय उपलब्धि था।
               गर्मी से बचाने के लिए उपकरण का निर्माण उन सामग्रियों से किया गया था, जिनमें टंगस्टन, नाइओबियम, मोलिब्डेनम और नीलम जैसे हाई मेल्टिंग पॉइंट मौजूद हैं। पृथ्वी के विपरीत, सूर्य की कोई ठोस सतह नहीं है. लेकिन इसमें अत्यधिक गर्म वातावरण होता है, जो गुरुत्वाकर्षण और चुंबकीय बलों द्वारा सूर्य से बंधी सौर सामग्री से बना होता है, वहीं कोरोना सूर्य के वायुमंडल की सबसे बाहरी परत होती है, जहां मजबूत चुंबकीय क्षेत्र प्लाज्मा को बांधते हैं और सौर हवाओं को बाहर निकलने से रोकते हैं। नासा के अनुसार, पार्कर सोलर प्रोब की सफलता तकनीकी इनोवेशन से कहीं अधिक है। इस अंतरिक्ष यान की ऐतिहासिक उपलब्धि ने सूर्य के बारे में सदियों पुराने रहस्यों को सुलझाने की उम्मीद जगा दी है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox