नई कैबिनेट के मंत्रियों की एडीआर हुई जारी, 42 प्रतिशत दागी, 90 फीसदी करोड़पति

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नई कैबिनेट के मंत्रियों की एडीआर हुई जारी, 42 प्रतिशत दागी, 90 फीसदी करोड़पति

-अब तक की सबसे युवा व शिक्षित कैबिनेट पर दागियों का साया, नए गृह राज्यमंत्री है हत्या के आरोपी-नये मंत्रिमडल पर उठने लगी उंगली, महिला सुरक्षा व अपराधों पर कैसे लगेगी लगाम

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- केंद्र सरकार ने नये मंत्रिमंडल में बुधवार को जिन 15 कैबिनेट व 28 राज्य मंत्रियों को शपथ दिलाई थी उनकी एडीआर रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। नए मंत्रिमंडल में अधिकांश मंत्री दागी है और कईयों पर हत्या एवं हत्या के प्रयास जैसे गंभी आपराधिक मुकदमें दर्ज है। हालांकि इस बार का मंत्रिमंडल सबसे शिक्षित व यंग मंत्रिमंडल बताया जा रहा है लेकिन फिर 78 मंत्रियों में से 42 प्रतिशत दागी है और 90 फीसदी करोड़पति हैं। देश के सबसे कम उम्र के नए गृह-राज्यमंत्री निशीथ प्रमाणिक पर तो हत्या का मुकदमा तक दर्ज है। एडीआर की रिपोर्ट के बाद अब लोगों ने उंगली उठानी शुरू कर दी है। लोगों का कहना है कि तौ फिर कैसे केंद्र सरकार महिला सुरक्षा व अपराधों को कम करने की बात कर सकती है जब उसका अपना मंत्रिमंडल ही दागियों व अपराधियों से भरा प्ड़ा है।
                      नए मंत्रिमंडल के 42 फीसदी चेहरे आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं। यह दावा नेशनल इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में किया है। हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पहली बार देश के हर कोने को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिला है। फिर भी मंत्रियों पर हत्या, हत्या का प्रयास, लूट जैसे संगीन अपराध दर्ज हैं। पश्चिम बंगाल की अलीपुरद्वार से सांसद व अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री जॉन बरला पर 24 गंभीर किस्म की धाराओं वाले 9 मामले और 38 अन्य मामले हैं। कूच बिहार के सांसद व गृह राज्यमंत्री निशित प्रमाणिक पर 11 मामले 21 गंभीर किस्म की धाराओं के हैं। वित्त राज्यमंत्री बनाए गए उत्तर प्रदेश के महाराजगंज के सांसद पंकज चौधरी पर हत्या के प्रयास के कुल 5 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा मंत्रिमंडल में ऐसे मंत्रियों की संख्या 33 है। वहीं 24 यानी 31 फीसदी पर गंभीर आपराधिक केस दर्ज है। वहीं चार अन्य मंत्रियों पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज है। इसमें अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री जॉन बारला, गृह-युवा व खेल राज्यमंत्री प्रमाणिक, वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी और विदेश व संसदीय कार्य राज्यमंत्री वी मुरलीधरन शामिल हैं।
                      रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय कैबिनेट के पांच मंत्रियों पर सांप्रदायिकता फैलाने और धार्मिक भावनायें भड़काने का आरोप है। इनमें ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह, कृषि राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे, गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय और कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी शामिल हैं। नितिन गडकरी समेत सात मंत्रियों पर चुनाव के दौरान अवैध ढंग से आर्थिक फायदा लेने का आरोप है।
                      एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, कैबिनेट के 78 मंत्रियों में से 70 यानी 90 फीसदी मंत्री करोड़पति हैं। इनकी औसतन संपत्ति 16.24 करोड़ रुपये है। इनमें 4 मंत्रियों की संपत्ति 50 करोड़ से अधिक है। सबसे ज्यादा 379 करोड़ रुपये की संपत्ति राजघराने से संबंध रखने वाले नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की है। कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल की कुल संपत्ति 95 करोड़ से अधिक है।  एमएसएमई मंत्री नारायण राणे के नाम पर 87 करोड़ से ज्यादा, जबकि इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर के नाम 64 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। वहीं 8 मंत्री ऐसे हैं जिन्होंने बताया है कि उनकी संपत्ति एक करोड़ से कम है। इनमें प्रतिमा भौमिक, जॉन बारला, कैलाश चौधरी, विश्वेश्वर टुडू, वी मुरलीधरन, रामेश्वर तेली, शांतनु ठाकुर और नीतीश प्रमाणिक शामिल हैं। 16 मंत्रियों ने अपनी देनदारी 1 करोड़ से अधिक बताई है। इन 16 में से 3 मंत्रियों ने अपनी देनदारी 10 करोड़ से अधिक है। इनमें नारायण राणे, पीयूष गोयल और कृष्ण पाल शामिल हैं।
                       नए मंत्रिमंडल में 12 मंत्रियों यानी 15 प्रतिशत ने अपनी शैक्षणिक योग्यता 8वीं से 12वीं के बीच बताई है जबकि 64 यानी 82 फीसदी मंत्रियों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता स्नातक और उससे ज्यादा बताई है। 2 मंत्रियों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता डिप्लोमा बताई है। 2 मंत्री 8वीं पास, 3 मंत्री 10वीं पास तो 7 मंत्री 12वीं पास हैं। 15 मंत्री स्नातक हैं तो 17 मंत्री व्यावसायिक विषयों में स्नातक हैं। 21 मंत्री के पास पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री है तो 9 के पास डॉक्टरेट की उपाधि है।

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