दिल्ली वक्फ बोर्ड नियुक्ति मामले में आप नेता अमानतुल्लाह खान के खिलाफ आरोप तय

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दिल्ली वक्फ बोर्ड नियुक्ति मामले में आप नेता अमानतुल्लाह खान के खिलाफ आरोप तय

-मामले में कथित अनियमितताओं को लेकर विधायक के अलावा 10 लोगों के खिलाफ भी आरोप तय

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- राउज एवेन्यू कोर्ट स्थित विशेष न्यायाधीश दिग्विनय सिंह अदालत ने दिल्ली वक्फ बोर्ड भर्ती मामले में कथित अनियमितताओं के मामले में आम आदमी पार्टी विधायक अमानतुल्लाह खान और 10 अन्य के खिलाफ सोमवार को आरोप तय कर दिए। अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ साजिश का प्रबल संदेह और प्रथम दृष्टया सबूत हैं। अदालत ने खान और दिल्ली वक्फ बोर्ड के तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी महबूब आलम के खिलाफ लोक सेवक के तौर आपराधिक षड्यंत्र और आपराधिक कदाचार के आरोप तय किए हैं।

इन लोगों के खिलाफ किए आरोप तय
अदालत ने दस अन्य आरोपियों हामिद अख्तर, किफायतुल्लाह खान, रफीउद्दीन खान, इमरान अली, मोहम्मद अहरार, अकीब जावेद, अजहर खान, जाकिर खान और अब्दुल मन्नार के खिलाफ लोक सेवक द्वारा आपराधिक कदाचार के साथ आपराधिक षड्यंत्र के आरोप तय किए।

नियमों को ताक पर रखकर की गई नियुक्तियां
आरोप है कि अमानतुल्लाह ने दिल्ली वक्फ बोर्ड के चेयरमैन पद पर रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया व 2016 से 2021 के बीच नियमों को ताक पर रखकर कई अवैध नियुक्तियां की। सीबीआई का कहना है कि इन नियुक्तियों में न तो कोई विज्ञापन निकाला गया और न ही मानकों का पालन किया गया। इस मामले में सीबीआई ने 2016 में प्राथमिकी दर्ज की थी और आरोप लगाया था कि दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष खान ने भ्रष्ट और अवैध तरीके से आलम को बोर्ड का सीईओ नियुक्त करवाया था। खान पर आपराधिक षड्यंत्र रचकर दिल्ली वक्फ बोर्ड में विभिन्न संविदा या दैनिक वेतनभोगी पदों पर अपने रिश्तेदारों और अन्य जानकारों को नियुक्त करने का भी आरोप है।

सीबीआई ने लगाया ये आरोप
सीबीआई ने आरोप लगाया कि ये नियुक्तियां खान और आलम ने अपने आधिकारिक पदों का दुरुपयोग करके कीं। अदालत ने अपने 46 पेज के अपने आदेश में कहा जहां मजबूत संदेह है, वहां इस स्तर पर यह इंगित करना पर्याप्त है कि इस साजिश में सभी पक्ष शामिल है। अदालत ने कहा इन आरोपियों के कृत्यों और चूक से स्पष्ट रूप से इंगित होता है कि उनके बीच अवैध नियुक्तियों आलम और 10 अन्य को सुविधाजनक बनाने के लिए, चाहे वह स्पष्ट हो या निहित, आपसी सहमति थी। इस प्रकार मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ षड्यंत्र के आरोप तय करने का आधार है। अदालत ने कानूनों का हवाला देते हुए कहा, तदनुसार, सभी 11 आरोपियों के खिलाफ गहरा संदेह उत्पन्न होता है, तथा तथ्यों से प्रथम दृष्टया उन सभी के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।

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