दिल्ली में शुरू हुआ देश का सबसे बड़ा सीएंडडी वेस्ट रीसाइक्लिंग प्लांट

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
September 7, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

दिल्ली में शुरू हुआ देश का सबसे बड़ा सीएंडडी वेस्ट रीसाइक्लिंग प्लांट

-मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किया उद्घाटन, हर दिन दो हजार टन निर्माण व विध्वंसक मलबा करेगा रिसाइकिल

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- दिल्ली के जहांगीरपुरी में देश का सबसे बड़ा सी एंड डी वेस्ट रीसाइक्लिंग प्लांट का रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उद्घाटन किया। यह प्लांट करीब सात एकड़ में फैला है। हर दिन दो हजार टन निर्माण व विध्वंसक मलबा (सीएंडडी वेस्ट) रीसाइकल कर टाइल्स, ईंट व अन्य उत्पाद करने की इसकी क्षमता है। यह प्लांट आधुनिक यूरोपियन टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इस प्लांट से बिल्कुल आवाज नहीं आती। प्लांट के करीब आने पर हल्की आवाज सुनाई देती है। धूल-मिट्टी भी नहीं उड़ती।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारा मकसद दिल्ली को खूबसूरत बनाना है। कंस्ट्रक्शन एवं डिमोलिशन से निकले मलबे को इस प्लांट में लाकर टाइल्स, ईंट समेत अन्य उत्पाद बनाए जाएंगे, जिसका दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस तरह दिल्ली को मलबे से भी छुटकारा मिल जाएगा। सीएम ने मेयर डॉ शैली ओबरॉय, विधायक व एमसीडी प्रभारी दुर्गेश पाठक, नेता सदन मुकेश गोयल और निगम अधिकारियों के साथ सी एंड डी वेस्ट रिसाइक्लिंग प्लांट का निरीक्षण किया।
          अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली भर से यहां मलबा लाया जाएगा, जिसे तोड़ा जाएगा और फिर रिसाइकिल कर टाइल्स, ईंट आदि का आकार देकर दोबारा इस्तेमाल किया जाएगा। सीएम ने प्लांट से बनी टाइल्स, रोडी-बदरपुर और ईंटों को भी देखा।

सीएंडडी वेस्ट का पूरा समाधान करने की तैयारी
दिल्ली में करीब 6500 टन सी एंड डी वेस्ट हरदिन निकलता है। जहांगीरपुरी में यह चौथा प्लांट (2000 टीपीडी) है। इसके अलावा रानीखेड़ा (1000 टीपीडी), शास्त्री पार्क (1000 टीपीडी) और बक्करवाला (1000 टीपीडी) में ऐसे प्लांट हैं। इन चारों प्लांट में करीब 5000 टन मलबे को प्रतिदिन रिसाइकिल करने की क्षमता है। एक और प्लांट ओखला में बनाने की योजना है, जिसकी क्षमता एक हजार टन होगी। इसके अलावा मौजूद चारों प्लांट्स की क्षमता भी बढ़ाने की योजना है।

जहांगीरपुरी प्लांट की विशेषताएं
-यह प्लांट दुनिया की सबसे उन्नत तकनीक में से एक पर आधारित है
-90-95 फीसदी वाटर रिसाइक्लिंग और गंदा पानी बाहर नहीं आता
-कमांड व कंट्रोल सेंटर के माध्यम से रिमोट मॉनिटरिंग, कंट्रोल करने में सक्षम है
-सी एंड डी को विभिन्न आकारों के रेत और एग्रीगेट में परिवर्तित करने में सक्षम है
-टाइल्स, पेवर्स, सीसी ईंटें, ब्लॉक और कर्ब स्टोन जैसे उत्पाद बनाने में सक्षम

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox