दिल्ली में मुख्यमंत्री तो बनेगा लेकिन काम करने की शक्ति नही होगी

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दिल्ली में मुख्यमंत्री तो बनेगा लेकिन काम करने की शक्ति नही होगी

-दिल्ली अध्यादेश बिल पास होने से दुखी केजरीवाल ने बताया लोकतंत्र के लिए काला दिन

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली अध्यादेश बिल के राज्यसभा में पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर हमला बोलते हुए कहा कि सोमवार का दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिन रहा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने राज्यसभा में दिल्ली के लोगों को गुलाम बनाने वाला बिल पास कर दिया है। जिसके तहत दिल्ली में मुख्यमंत्री तो होगा लेकिन उसके पास काम करने की शक्ति नही होगी।
                मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के लोग अपनी पसंद की सरकार तो चुनेंगे, लेकिन उस सरकार को काम करने की कोई शक्ति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि एक तरह से प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट जो मर्जी आदेश पास करे, अगर मुझे पसंद नहीं आया तो कानून बना कर उसको पलट दूंगा। सीएम केजरीवाल ने कहा कि जब इन लोगों को लगा कि आम आदमी पार्टी को हराना मुश्किल है, तब इन्होंने चोर दरवाजे से अध्यादेश लाकर दिल्ली की सत्ता हथियाने की कोशिश की है। दिल्लीवालों ने 2015 और 2020 में हमारी सरकार बनाई, क्योंकि मैं दिल्ली का बेटा हूं और प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली के नेता बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्लीवालों को अपना बेटा पसंद है, प्रधानमंत्री मोदी जैसे नेता नहीं चाहिए।
                  मुख्यमंत्री ने दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र शासन संशोधन विधेयक 2023 के राज्यसभा में पारित होने के बाद प्रेसवार्ता कर कहा कि यह बिल दिल्ली के लोगों को बेबस, असहाय, लाचार और गुलाम बनाता है। भारत की आजादी से पहले 1935 में अंग्रेजों ने एक कानून बनाया था। उस कानून का नाम गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट था। उस कानून में अंग्रेजों ने लिखा था कि भारत में चुनाव तो होंगे, लेकिन जो सरकार चुनी जाएगी, उसको कोई काम करने की पावर नहीं होगी, काम करने की शक्तियां नहीं होंगी।

इसी तरह आजादी के 75 साल के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली के लोगों की आजादी छीन ली। पीएम ने 1935 वाला अंग्रेजों का कानून बनाया है कि दिल्ली में चुनाव तो होंगे, दिल्ली के लोग अपनी सरकार तो चुनेंगे, लेकिन उस सरकार को काम करने की कोई भी शक्ति नहीं होगी। ये कानून हमारे देश की संसद ने पास किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोगों की वोट की अब कोई कीमत नहीं बची है। सरकार बनाइए, लेकिन सरकार की कोई शक्ति नहीं है।
                 सीएम केजरीवाल ने कहा कि 11 मई 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि भारत एक जनतंत्र है। इस जनतंत्र में जनता अपनी सरकार चुनती है और उस सरकार को जनता के लिए काम करने की पूरी ताकत होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट का जैसे ही आदेश आया, उसके एक हफ्ते के बाद ही प्रधानमंत्री मोदी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलट दिया और उसके खिलाफ एक अध्यादेश लेकर आए। सोमवार को हमारे देश की संसद ने उस अध्यादेश को इस देश का कानून बना दिया कि अब दिल्ली के लोगों की चुनी हुई सरकार को काम करने की कोई ताकत नहीं होगी।
                सीएम केजरीवाल ने दिल्ली अध्यादेश बिल के प्रावधानों का जिक्र करते हुए कहा कि संसद में जो कानून पास किया गया है, उसमें लिखा है कि दिल्ली सरकार में ए, बी, सी और डी कैटगरी में जितने भी कर्मचारी हैं, उन सबके के बारे में पूरी पॉलिसी केंद्र सरकार बनाएगी कि किस अधिकारी का ट्रांसफर किया जाएगा और कौन कर्मचारी क्या काम करेगा? उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या इसके लिए देश का प्रधानमंत्री बनाया था कि आप बैठकर दिल्ली के चपरासियों की तबादला नीति बनाएंगे। आपको तो केंद्र चलाना चाहिए। प्रधानमंत्री दिल्ली में क्यों दखलंदाजी कर रहे हैं?
                सीएम केजरीवाल ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को संसद में भाषण देते सुन रहा था। वो संसद में कहते हैं कि ये लोग झगड़ते बहुत हैं। मैं बच्चों के लिए स्कूल बनाता हूं तो ये लोग मुझे स्कूल नहीं बनाने देते। फिर मैं जब इनसे कहता हूं कि मुझे स्कूल बनाने दो तो ये कहते हैं कि केजरीवाल झगड़ता बहुत है। मैं मोहल्ला क्लीनिक बनाता हूं तो इन लोगों ने मेरे मोहल्ला क्लीनिक तुड़वा दिए। इस बार दिल्ली के लोग भाजपा को लोकसभा में एक भी सीट नहीं देंगे। इस पूरे संघर्ष में बहुत सारी पार्टियों, बहुत सारे नेताओं ने दिल्ली के लोगों का साथ दिया। उन सब नेताओं और पार्टियों को मैं तहे दिल से दिल्ली के दो करोड़ लोगों की तरफ से शुक्रिया अदा करता हूं।

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