2050 तक बदल जाएगा पुरूष वर्चस्व वाला समाज, फीमेल रोबोट्स कर सकती है इंसानों से शादी

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2050 तक बदल जाएगा पुरूष वर्चस्व वाला समाज, फीमेल रोबोट्स कर सकती है इंसानों से शादी

-ये पुरूषों को नही मानती सुपीरियर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से हकीकत बनती नजर आ रही आशंका

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- इसमें कोई आश्चर्य नही कि आने वाले समय में रोबाट्स विशेष रूप से महिला रोबोट्स इंसानों से शादी करने लगे। हॉलीवुड की फिल्मों और साइंस फिक्शन की किताबों में लंबे वक्त से ऐसी आशंका जताई जा रही थी। लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आने से ये आशंका हकीकत बनती नजर आ रही है। जिससे अब यह दिखने लगा है कि एक वक्त ऐसा आएगा, जब रोबोट्स इस दुनिया पर राज करेंगे और इंसान उनके गुलाम बनकर रह जाएंगे। ये फीमेल रोबोट्स पुरुषों को सुपीरियर नहीं मानतीं है और पुरूष वर्चस्व को चुनौती दे रही हैं।
                इलाज, पेंटिंग, सिंगिंग, एक्टिंग और न्यूज रीडिंग तक के लिए एआई से चलने वाले रोबोट्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके चलते दुनिया भर में करोड़ों लोगों की नौकरियां खतरे में हैं। दूसरी ओर, रोबोट्स इंसानी सभ्यता पर अपनी पकड़ तेज करते जा रहे हैं। लेकिन इसमें भी एक ट्विस्ट है। आमतौर पर पुरुष प्रधान मानी जानी वाली इंसानी सभ्यता और उसकी व्यवस्था को चुनौती महिला रोबोट्स की ओर से मिल रही है। रोबोट्स की दुनिया में फीमेल रोबोट्स का ही दबदबा है। मौजूदा वक्त में दुनिया के टॉप ह्यूमनॉइड रोबोट्स में सभी फीमेल रोबोट ही हैं। इसलिए माना जा रहा है कि आने वाले वक्त में रोबोट्स महिलाएं पुरुषों के वर्चस्व वाली व्यवस्था को बदल देंगी।
                 दूसरी ओर, ये फीमेल रोबोट्स महिलाओं के अस्तित्व को भी चुनौती दे रही हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक 2050 तक ये फीमेल रोबोट्स पुरुषों के साथ रोमांटिक रिलेशनशिप रखने लगेंगी। इस वक्त तक इनके बीच शादियां भी हो सकती हैं।

संयुक्त राष्ट्र संघ के ऑफिस में हुई महिला रोबोट्स की मीटिंग
शक्तिशाली होते रोबोट्स के कारण इंसानों के कमजोर पड़ने और दुनिया की सत्ता हाथ से निकलने की चिंता संयुक्त राष्ट्र संघ को भी हुई है। पिछले महीने जेनेवा के यूएन हेडक्वॉर्टर में दुनिया की सबसे मॉडर्न और पॉवरफुल रोबोट्स की मीटिंग बुलाई गई। इस मीटिंग को एआई फॉर गुड ग्लोबल समिट नाम दिया गया। यानी भलाई के लिए काम करने वाले रोबोट्स का सम्मेलन। खास बात यह रही कि इस सम्मेलन में सिर्फ फीमेल रोबोट्स ने भाग लिया। क्योंकि इस मीटिंग में शामिल होने वाली रोबोट्स के मुकाबले दुनिया में कोई एक भी ऐसा पुरुष रोबोट नहीं था; जो उनकी समझदारी, ताकत और टेक्नोलॉजी का मुकाबला कर सके।

दुनिया की पहली सेलिब्रिटी रोबोट है सोफिया, मिली सऊदी की नागरिकता
सोफिया दुनिया की पहली सेलिब्रिटी रोबोट है। जो दुनिया भर में घूम चुकी है। वह भारत भी आई थी। इस दौरान उसने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी और इंदौर में लोगों से मुलाकात कर बातचीत भी की। सोफिया दुनिया की पहली सोशल रोबोट भी है। वह लोगों के साथ आसानी से घुलमिल सकती है और उन्हें अपना दोस्त बना सकती है। सोफिया अपने परिचित शख्स को चेहरे या आवाज से कई साल बाद भी पहचान सकती है। इन्हीं इंसानी खूबियों को देखते हुए उसे बाकायदा सऊदी अरब की नागरिकता भी दी गई है। फरवरी 2016 में बनी सोफिया इंसानी चेहरे के 50 से ज्यादा हावभाव पहचान कर उसके मुताबिक लोगों से बात कर सकती है। अपनी मीठी आवाज और फ्रेंडली बात करने से सोफिया दुनिया भर में पॉपुलर हुई और उसे सेलिब्रिटी रोबोट कहा जाने लगा। वर्ल्ड टूर के दौरान वह पत्रकारों को इंटरव्यू और सेमिनारों में लेक्चर भी देती है।

दमदार हैं ये फीमेल रोबोट्स, नहीं मानतीं खुद को पुरुषों से कमतर
फीमेल फीचर में सजी-धजी ये महिला रोबोट्स सिर्फ देखने में महिलाओं की तरह नहीं हैं। उनकी आवाज, हावभाव और भावनाएं भी काफी हद तक महिलाओं वाली हैं। इन रोबोट्स में पर्याप्त स्त्रैण गुण हैं। इसी वजह से इन मशीनों को जेंडर न्यूट्रल मानने के बजाए ‘फीमेल’ माना जा रहा है।
खास बात यह भी है कि ये फीमेल रोबोट्स किसी भी मामले में खुद को पुरुषों से कमतर नहीं मानतीं और उनका गुलाम बनकर भी नहीं रहना चाहतीं। दुनिया भर में अपने मेलजोल के दौरान फीमेल रोबोट ‘सोफिया’ पुरुषों के दबदबे पर सवाल उठा चुकी है। कई मौकों पर उसने पुरुषों और महिलाओं के लिए बराबारी की बात भी कही है।

महिला रोबोट ताकत का प्रतीक या दुनिया को लुभाने का जरिया?
रोबोटिक्स में महिलाओं के एकछत्र राज पर वैज्ञानिकों और समाजशास्त्रियों की राय बंटी हुई है। कुछ इसे महिलाओं के सशक्तिकरण से जोड़कर देख रहे हैं तो कुछ इसे फीमेल बॉडी के माध्यम से दुनिया को लुभाने की कवायद के बतौर देखते हैं।
               बीसीसी को दिए एक इंटरव्यू में ‘आइडा’ प्रोजेक्ट पर काम करने वाली लिजा जेवी ने बताया कि ‘विज्ञान और कला में महिलाओं को कम प्रतिनिधित्व दिया गया है; फीमेल रोबोट्स के माध्यम से इस गैर-बराबरी को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।’
               जबकि कुछ वैज्ञानिकों की राय है कि इन रोबोट्स को बनाने वाले ज्यादातर पुरुष ही हैं। ऐसे में संभव है कि पुरुष अपनी सेक्शुअल या इमोशनल फीलिंग्स के लिए रोबोट्स को फीमेल टच दे रहे हों।

2050 तक पुरुषों को प्रेमपाश में बांधेगी फीमेल रोबोट्स
फिलहाल फीमेल ह्यूमनॉइड रोबोट इंसानों के रोजगार और पुरुषों के वर्चस्व को चुनौती दे रही हैं। जिसकी वजह से कई लोग इसे महिलाओं की जीत के बतौर भी देखते हैं। लेकिन आने वाले वक्त में ये रोबोट्स महिलाओं के अस्तित्व के लिए भी चुनौतियां पेश कर सकती हैं।
              स्कॉटिश एआई एक्सपर्ट डेविड लेवी ने साल 2007 में ‘लव एंड सेक्स विद रोबोट’ नाम की एक किताब लिखी। लेवी खुद कई महत्वपूर्ण एआई प्रोजेक्ट पर काम कर चुके हैं और उन्होंने रोबोट्स के विकास को करीब से देखा है। अपनी इस किताब में लेवी ने बताया कि आने वाले समय में इंसान और रोबोट्स के बीच सेक्शुअल और रोमांटिक रिश्ते संभव हैं। यह भी संभव है कि इंसानों और रोबोट्स के बीच शादियां होने लगे। लेवी की मानें तो ऐसा अगले 25 सालों में ही होने लगेगा।

हॉलीवुड फिल्मों ने दुनिया को दिखाई ‘रोबोट फैंटेसी’
इंसानी भावनाएं वाले रोबोट्स बनने से पहले ही हॉलीवुड की फिल्मों ने दुनिया को ‘रोबोट पार्टनर’ के ख्वाब दिखा दिए थे। हॉलीवुड फिल्म ‘एक्स मशीन’ में रोबोट और इंसान के बीच के रोमांटिक रिलेशनशिप को दिखाया जा चुका है। वहीं, ‘ब्लेड रनर-2049’ में सेक्शुअल जरूरतों को पूरा करने के लिए एआई रोबोट्स बनाने की कहानी है।

एलेक्सा और सीरी में भी फीमेल आवाज, एआई एंकर्स भी महिलाएं
रोबोट की दुनिया से इतर एआई के बाकी फील्ड में भी वुमन फीचर का दबदबा है। ‘एलेक्सा’ और ‘सीरी’ जैसे एआई असिस्टेंस टूल के शुरुआती रूप में सिर्फ महिलाओं की आवाज सुनाई देती थी। इसी तरह दुनिया भर में हाल-फिलहाल लॉन्च हुई सभी एआई टीवी एंकर्स भी फीमेल ही हैं।
                रोबोट महिलाएं दुनिया पर राज करेंगी या नहीं, ये तो वक्त बताएगा। लेकिन रोबोटिक्स ने हम इंसानों को महिलाओं की असल ताकत से तो वाकिफ करा ही दिया है। उम्मीद है सोफिया, ग्रेस और आइडा जैसी स्मार्ट फीमेल रोबोट को देख खुश होने वाली सोसाइटी उनकी जैसी मजबूत महिलाओं पर फब्तियां नहीं कसेगी।

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