दिल्ली सरकार ने दिल्ली में 10 गुना तक बढ़ाएं कृषि भूमि के सर्किल रेट

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दिल्ली सरकार ने दिल्ली में 10 गुना तक बढ़ाएं कृषि भूमि के सर्किल रेट

-अभी कृषि भूमि का सर्किल रेट है 53 लाख रुपए प्रति एकड़, नये रेट के हिसाब से होगा 2.25 से 5 करोड़ रूपए प्रति एकड़

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली में किसानों के हित मके बड़ा फैसला लिया है। केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में कृषि भूमि के सर्किल रेट 10 गुणा तक बढ़ा दिए हैं। 15 साल बाद बढ़ाए गए सर्किल रेट में दिल्ली में अलग-अलग राशि निर्धारित की गई है। इसमें सबसे अधिक दक्षिणी दिल्ली जिला और नई दिल्ली जिला के लिए 5 करोड़ रूपए प्रति एकड़ निर्धारित किए गए हैं। अन्य जिलों के लिए 3 करोड़ रूपए प्रति एकड़ से लेकर 2 करोड़ 25 लाख रूपए प्रति एकड़ तक निर्धारित किए गए हैं। हालांकि नजफगढ़ देहात में किसानों ने इसे देहात की उपेक्षा करार दिया है और सरकार से 5 करोड़ सर्किल रेट तय करने की अपील की है।
               नए रेट कृषि भूमि और यमुना बांध से सटी यमुना खादर की कृषि भूमि के लिए भी मान्य होंगे। दिल्ली सरकार द्वारा प्रस्तावित सर्किल रेट की फाइल जल्द ही मंजूरी के लिए एलजी वीके सक्सेना के पास भेजी जाएगी, वहां से मंजूरी मिलते ही नए रेट लागू हो जाएंगे। बता दें कि वर्तमान में पूरी दिल्ली में कृषि भूमि का सर्किल रेट हर जिले में एक समान 53 लाख रुपए प्रति एकड़ है।
               सीएम ने कहा है कि दिल्ली के किसानों की बहुत समय से मांग थी कि उनकी खेती की जमीन के रेट बढ़ाए जाएं। कुछ वर्ष पहले हमने बढ़ाए भी थे, पर उस वक्त कुछ कारणों से वो लागू नहीं हो पाए। कृषि भूमि के सर्किल रेट 2008 के बाद अब बढ़ाए गए हैं। पहले पूरी दिल्ली में कृषि भूमि का सर्किल रेट एक समान होता था, लेकिन अब जिलावार तय किया गया है। साथ ही, इसे ग्रीन बेल्ट गांव, शहरीकृत गांव और रूरल गांव की श्रेणी में बांटा गया है।

 वहीं, दिल्ली में कृषि भूमि के सर्किल रेट बढ़ाने को लेकर राजस्व मंत्री आतिशी ने प्रेसवार्ता कर कहा कि केजरीवाल सरकार द्वारा किसानों के हक में बड़ा फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि किसान जब अपनी जमीन बेचना चाहते हैं तो उन्हें उसका उचित दाम नहीं मिलता है। साथ ही, जब दिल्ली सरकार विभिन्न विकास कार्यों जैसे सड़कें-फ्लाईओवर, यूनिवर्सिटी-अस्पताल बनाने के लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहण करती है तो किसानों को अधिसूचित सर्किल रेट 53 लाख रुपए प्रति एकड़ के अनुसार ही मुआवजा मिलता है, जो मौजूदा मार्केट रेट के हिसाब से कम है। राजस्व मंत्री ने कहा कि कृषि भूमि का सर्किल रेट कम होने से किसानों को नुकसान होने के साथ ही दिल्ली सरकार को भी नुकसान होता है। क्योंकि जब किसानों को उनकी जमीन का कम मुआवजा मिलता है तो वे सरकारी प्रोजक्ट के लिए अपनी जमीन नहीं देना चाहते हैं। ऐसे में कई बार मामला कोर्ट तक जाता है और लंबे समय तक केस चलता है। इस वजह से बहुत से विकास कार्यों को पूरा करने में देरी हो जाती है। लेकिन अब दिल्ली सरकार ने अलग-अलग जिलों में कृषि भूमि का अलग-अलग सर्किल रेट निर्धारित किया है। दिल्ली सरकार के इस फैसले के बाद दिल्ली के किसानों को दो बड़े फायदे होंगे। पहला किसान जब अपनी जमीन बेचेंगे तो उन्हें उसका वाजिब दाम मिलेगा। दूसरा सरकार जब किसी विकासात्मक कार्य के लिए किसानों की भूमि का अधिग्रहण करेगी तब किसानों को उचित मुआवजा मिलेगा।

जिलावार दिल्ली सरकार का प्रस्तावित सर्किल रेट-
जिला     ग्रीन बेल्ट गांव       शहरीकृत गांव       रूरल गांव
दक्षिण        5.00              5.00               5.00
उत्तर         3.00              3.00               3.00
पश्चिम        3.00              3.00               3.00
उत्तर-पश्चिम   3.00              3.00               3.00
दक्षिण-पश्चिम  3.00              4.00               3.00
नई दिल्ली      5.00             5.00                5.00
मध्य           कोई नहीं         2.50                2.50
दक्षिण-पूर्व      कोई नहीं         4.00                2.50
शाहदरा          2.25            2.25                2.25
उत्तर-पूर्व       कोई नहीं          2.25                2.25
पूर्वी            कोई नहीं          2.25                2.25

(नोट- सर्किल रेट प्रति एकड़ करोड में है)

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