दिल्ली में पेयजल संकट पर भाजपा-आप आमने सामने, हरियाणा-पंजाब तक बात पंहुची

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दिल्ली में पेयजल संकट पर भाजपा-आप आमने सामने, हरियाणा-पंजाब तक बात पंहुची

-दिल्ली में पेयजल संकट गहराया, खरीदकर या मांगकर पानी पीने को मजबूर हुए दिल्लीवासी

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- भीषण गर्मी के बीच दिल्ली में पेयजल संकट भी गहरा गया है। हालात इतने बदतर हो गये है कि दिल्लीवासी खरीदकर या फिर मांगकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। लेकिन दिल्ली में हो रहे राजेन्द्र नगर विधानसभा उपचुनाव में अब विकास की बजाये पेयजल संकट मुख्य मुद्दा बना गया है। इतना ही नही अब तो दोनो पार्टियों के नेता पानी की सप्लाई को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगा रहे हैं। बात यहीं खत्म नही हो रही है अब यह लड़ाई हरियाणा व पंजाब तक भी पंहुच चुकी है क्योंकि हरियाणा में बीजेपी तो पंजाब में आप की सरकार है।
              उपचुनाव का बिगुल बजने के साथ ही भाजपा नेताओं ने आम आदमी पार्टी को घेरने के लिए इलाके में पेयजल संकट होने का मुद्दा उठाना शुरू किया। हालांकि, आम आदमी पार्टी शुरुआत में पेयजल संकट को मुद्दा बनाने से बच रही थी, क्योंकि पेयजल की व्यवस्था उसकी दिल्ली सरकार के हाथों में है, मगर इस मामले के तूल पकड़ने के बाद अब आप उम्मीदवार दुर्गेश पाठक ने अपने संबोधन में पेयजल संकट पर बोलना शुरू कर दिया है। इस तरह इलाके में गहराया पेयजल संकट चुनावी मुद्दा बन गया है।
                 उधर, आप ने भाजपा की रणनीति को भांपते हुए यमुना नदी में हरियाणा से पानी कम आने का मुद्दा उठाते हुए पूरी दिल्ली में पेयजल संकट पैदा होने का मामला उठाना शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री समेत आप के कई नेताओं ने हरियाणा से अतिरिक्त पानी नहीं देने का आरोप लगाए। वहीं, यह मामला लंबा खिंचने के बाद भाजपा नेता सक्रिय हो गए और उन्होंने दिल्ली सरकार को कटघरे में खड़ा करना शुरू कर दिया है। हरियाणा से अतिरिक्त पानी की मांग पर भाजपा ने पंजाब की सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि जब पंजाब हरियाणा को उसके हिस्से का पानी नही दे रहा तो हरियाणा दिल्ली को अतिरिक्त पानी कहां से दे। हालांकि दिल्ली को अतिरिक्त पानी देने के लिए दिल्ली भाजपा नेताओं ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया।
               आप प्रत्याशी दुर्गेश पाठक ने एलान किया है कि राजेंद्र नगर से पेयजल संकट दूर किया जाएगा। वहीं, भाजपा ने भी पेयजल संकट होने के दावे पर मुहर लगा दी है, क्योंकि भाजपा नेताओं की हरियाणा के मुख्यमंत्री से अतिरिक्त पानी देने की मांग ने आम आदमी पार्टी के नेताओं की हरियाणा से यमुना नदी में कम पानी आने की बात को पुख्ता कर दिया है। लिहाजा, दोनों दलों के नेताओं की रणनीति के अनुसार पेयजल संकट मुख्य मुद्दा बन गया। इतना ही नहीं, वे पेयजल संकट को मुद्दा बनाने की अपनी रणनीति पर एक-दूसरे दल के नेताओं की मुहर लगवाने में सफल हो गए। इस तरह उन्होंने पेयजल संकट को मुद्दा बनाने के मामले में एक-दूसरे को फंसा लिया है।
              चुनाव प्रचार में भाजपा नेता आरोप लगा रहे हैं कि राजेंद्र नगर क्षेत्र में पेयजल संकट के जिम्मेदार इलाके के तत्कालीन विधायक राघव चड्ढा हैं, क्योंकि उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड का उपाध्यक्ष होने के बावजूद इलाके का पेयजल संकट दूर करने की दिशा में कोई ध्यान नहीं दिया।
               दुर्गेश पाठक चुनाव प्रचार करने के दौरान कह रहे हैं कि कुछ समस्याओं का हल भले न हुआ हो, लेकिन यह बिल्कुल नहीं कह सकते हैं कि आम आदमी पार्टी ने काम नहीं किया है। दसघरा गांव और सतनगर में उन्होंने जनता से पानी की समस्या पर काम करने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि वह पानी की समस्या पर सबसे पहले काम करेंगे।  
             कांग्रेस ने भाजपा की केंद्र सरकार व आप की दिल्ली सरकार को आड़े हाथों लिया। कांग्रेस प्रत्याशी प्रेमलता का कहना है कि एक तरफ पानी की समस्या से परेशान लोग अपना दुखड़ा सुना रहे हैं, तो दूसरी तरफ गंदे पानी से बीमारी का खतरा मंडरा रहा है। इस बार भाजपा व आम आदमी पार्टी को राजेंद्र नगर उपचुनाव में जल संकट व बदबूदार पानी के लिए जनता सबक सिखाएगी।
              पेयजल के मुद्दे को लेकर भले ही भाजपा व आप आमने-सामने खड़ी है लेकिन दिल्ली में स्थिति अब विस्फोटक हो चुकी है। लोग पानी के लिए मारे-मारे फिर रहे है। दिल्ली सरकार के मंत्री व विधायक इस मुद्दे पर लोगों को राहत देने की बजाये बचते फिर रहे है। दिल्ली देहात में तो स्थिति इतनी बदतर हो गई है कि लोग खरीदकर या मांगकर पानी पीने को मजबूर है। लोग विधायक कार्यालय के चक्कर लगा रहे है लेकिन मंत्री जी सुनने को तैयार नही है।

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