दिल्ली नगर निगम धुएं में उड़ा रही जनता के खून-पसीने की कमाई

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October 8, 2026

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दिल्ली नगर निगम धुएं में उड़ा रही जनता के खून-पसीने की कमाई

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/-   भारत में मौसम के बदलाव के साथ विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियाँ जुड़ी होती हैं, लेकिन इसी बदलाव के साथ जनता को कुछ परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। खासकर गर्मी के बाद और सर्दी शुरू होने से पहले का बरसात का मौसम मच्छरों के प्रकोप का समय होता है। इस समय मच्छरों से होने वाली बीमारियाँ और महामारियाँ बढ़ जाती हैं, जिनमें डेंगू, मलेरिया जैसी घातक बीमारियाँ शामिल हैं। इन बीमारियों की रोकथाम के लिए दिल्ली नगर निगम फ्यूमिगेशन (धुएं के छिड़काव) का प्रयोग करती है।

हालांकि, इस फ्यूमिगेशन प्रक्रिया को लेकर विख्यात समाजसेवी महेश मिश्रा, जो फेडरेशन ऑफ साउथ एंड वेस्ट डिस्ट्रिक्ट वेलफेयर फोरम के सचिव और राष्ट्रीय युवा चेतना मंच भारत के राष्ट्रीय महासचिव भी हैं, ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि पहले फ्यूमिगेशन गाड़ी द्वारा रात के समय गलियों और मोहल्लों में कराया जाता था, जिससे धुआं घरों के अंदर भी पहुँचता था और मच्छरों का प्रभाव कम हो जाता था। लेकिन अब यह काम दिन के समय किया जाता है और वह भी घरों के अंदर, जिससे मच्छरों पर कोई खास असर नहीं पड़ता।

मिश्रा का कहना है कि मच्छर शाम के समय ज्यादा सक्रिय होते हैं, इसलिए फ्यूमिगेशन का सही समय शाम को होता है। लेकिन वर्तमान में दिन में फ्यूमिगेशन कराया जा रहा है, जिससे मच्छर दिन में घर से बाहर चले जाते हैं और रात में फिर से वापस आकर लोगों को परेशान करते हैं। नगर निगम का यह तरीका जनता के खून-पसीने की कमाई को धुएं में उड़ाने जैसा है, क्योंकि फ्यूमिगेशन का सही उपयोग न होने के कारण मच्छरों की समस्या बनी रहती है।

मिश्रा ने आगे कहा कि पहले के अधिकारी फ्यूमिगेशन का समय और तरीका सही समझते थे और इसे उचित समय पर कराते थे। लेकिन आज के अधिकारी जनता के स्वास्थ्य और टैक्स के पैसे को गंभीरता से नहीं लेते। इस वजह से मच्छरों का आतंक बना रहता है और लोग अस्पतालों में इलाज पर खर्च करने को मजबूर होते हैं। कई बार मच्छरों से होने वाली बीमारियों के कारण लोगों की जान तक चली जाती है।

मिश्रा ने दिल्ली नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों और निगमायुक्त से अनुरोध किया है कि फ्यूमिगेशन का समय फिर से शाम के समय निर्धारित किया जाए और इसे पूरे क्षेत्र में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, जैसा कि पहले हुआ करता था। साथ ही उन्होंने मांग की है कि इस प्रक्रिया को दिन में करवाने का निर्णय लेने वाले अधिकारियों से जवाब मांगा जाए कि किस आधार पर समय बदलकर जनता के टैक्स और उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

-महेश मिश्रा 9811839039

यह विज्ञप्ति संबंधित विभाग को भेजने का आग्रह है और इस विषय में रिपोर्ट की मांग की जा रही है।

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