दिल्ली आबकारी नीति केस में 23 को क्लीन चिट, केजरीवाल और सिसोदिया बरी

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दिल्ली आबकारी नीति केस में 23 को क्लीन चिट, केजरीवाल और सिसोदिया बरी

-अदालत के फैसले से AAP को बड़ी राहत, जांच और सुनवाई के लंबे दौर के बाद आया निर्णायक मोड़

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/-  दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस में बड़ा अपडेट है। पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को अदालत ने बरी कर दिया है। दोनों ही आम आदमी पार्टी नेताओं को सरकार रहने के दौरान जेल भी जाना पड़ा था। जिस समय ये मामला सामने आया था तो दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि ऐसा कोई शराब घोटाला नहीं हुआ। उनकी सरकार की आबकारी नीति के खिलाफ मामला राजनीतिक प्रतिशोध और साजिश का नतीजा है। अब राउज एवेन्यू कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत इस मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया।

अदालत ने आदेश में क्या कहा
दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई की ओर से दाखिल आरोपपत्र का संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने कहा कि आरोप पत्र में कई ऐसी कमियां हैं जिनका सबूतों से समर्थन नहीं मिलता। इसके साथ ही उन्होंने मामले में आम आदमी पार्टी के दोनों नेताओं के अलावा 21 अन्य आरोपियों को भी बरी कर दिया। सीबीआई आम आदमी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार की ओर से अब रद्द की जा चुकी आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित भ्रष्टाचार की जांच कर रही है।

कोर्ट के फैसले पर केजरीवाल ने क्या कहा
कोर्ट का फैसला आने के बाद AAP के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ सालों से बीजेपी जिस तरह से शराब घोटाले के बारे में कह रही थी और हमारे ऊपर आरोप लगा रही थी तो आज कोर्ट ने सभी आरोप खारिज कर दिए। सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। हमें न्यायपालिका पर भरोसा है। सत्य की जीत हुई।

सत्य की जीत हुई: केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा कि AAP को खत्म करने के लिए सभी बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया था। यह पूरा फर्जी केस था। केजरीवाल भ्रष्ट नहीं है। मैंने अपने जीवन में केवल ईमानदारी कमाई है। कोर्ट ने कहा है कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और AAP कट्टर ईमानदार है। अच्छा काम करके सत्ता में आइए और झूठे केस करके हमें जेल में डालना प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता।

जिन्हें बरी किया गया है
1) कुलदीप सिंह
2) नरेंद्र सिंह (A2)
3) विजय नायर (A3)
4) अभिषेक बोइनपल्ली (A4)
5) अरुण रामचंद्र पिल्लई (A5)
6) मूथा गौतम (A6)
7) समीर महेंद्रू (A7)
8) मनीष सिसोदिया
9) अमनदीप सिंह धल्ल
10) अर्जुन पांडे
11) बुच्चीबाबू गोरंतला
12) राजेश जोशी
13) दामोदर प्रसाद शर्मा
14) प्रिंस कुमार
15) अरविंद कुमार सिंह
16) चनप्रीत सिंह रयात
17) कविता कलवकुंतल @ के.कविता
18) अरविंद केजरीवाल
19) दुर्गेश पाठक
20) अमित अरोड़ा
21) विनोद चौहान
22) आशीष चंद माथुर
23) सरथ चंद्र रेड्डी

सिसोदिया बोले- सत्य की जीत हुई
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आदेश सुनाते हुए दो टूक कहा कि सिर्फ दावा करने से काम नहीं चलेगा। अदालत किसी भी आरोप पर तभी भरोसा कर सकती है जब उसके साथ ठोस और पर्याप्त सबूत हों। अदालत के आदेश पर पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि आज एक बार फिर देश के संविधान पर गर्व हो रहा है और आज सत्य की जीत हुई है।

क्या था पूरा मामला
पूरा मामला नवंबर 2021 का है, जब दिल्‍ली की नई आबकारी नीति लागू हुई, तब दावा हुआ कि राजस्व बढ़ेगा। हालांकि, उस मामले को लेकर दिल्‍ली सरकार की मुसीबतें जरूर बढ़ गईं। सालभर भी नहीं हुआ और आबकारी नीति भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर गई। केजरीवाल और सिसोदिया की गिरफ्तारी के साथ यह बवाल चरम पर पहुंच गया था।

एक्साइज पॉलिसी केस में केजरीवाल-सिसोदिया बरी
एक्साइज पॉलिसी घोटाला केस में बीजेपी ने आरोप लगाए थे कि शराब लाइसेंस बांटने में धांधली हुई। चुनिंदा डीलर्स को फायदा पहुंचाया गया। जुलाई 2022 आते-आते आंच इतनी तेज हो गई कि उपराज्‍यपाल ने मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांग ली। रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय एजेंसियों ने जांच तेज की, जिसमें कई गिरफ्तारी भी हुई। हालांकि, अब पुलिस ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया है।

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