डीडीए ने हाईकोर्ट को बताया, अगले सप्ताह से रोशनआरा क्लब की ‘आउटडोर’ सुविधाएं खोलने पर कर रहा विचार

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 3, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

डीडीए ने हाईकोर्ट को बताया, अगले सप्ताह से रोशनआरा क्लब की ‘आउटडोर’ सुविधाएं खोलने पर कर रहा विचार

मानसी शर्मा / – दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट  को बताया कि वह रोशनआरा क्लब के बाहरी क्षेत्र को अगले सप्ताह से खोलने पर विचार कर रहा है। डीडीए ने हाल में क्लब को सील कर दिया था। डीडीए ने कहा कि एक सदी पुराना क्लब वैसा ही रहेगा और केवल इसका स्वामित्व अधिकार, भूमि-स्वामित्व वाली एजेंसी के पास होगा।

एजेंसी के खिलाफ रोशनआरा क्लब लिमिटेड द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान डीडीए ने जस्टिस अनूप जयराम भंभानी के समक्ष यह दलील दी। डीडीए ने 29 सितंबर को क्लब परिसर को सील कर दिया था और ऐतिहासिक क्लब को अपने कब्जे में ले लिया था।

यह कदम एजेंसी द्वारा क्लब को बेदखली का नोटिस दिए जाने के लगभग 6 महीने बाद उठाया गया क्योंकि इसका पट्टा पहले ही समाप्त हो चुका था। रोशनआरा क्लब की ओर से पेश वरिष्ठ वकील संदीप सेठी और मोहित माथुर ने दलील दी कि अप्रैल में, हाईकोर्ट के एकल न्यायाधीश की पीठ ने निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ता क्लब के खिलाफ केवल इस आधार पर कोई कठोर कदम नहीं उठाया जाएगा कि याचिकाकर्ता क्लब का पट्टा समाप्त हो चुका है।

वकीलों ने कहा कि क्लब से जुड़ा एक मामला हाईकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष भी लंबित है। वकील ने दलील दी कि कोई दंडात्मक कदम न उठाने के अदालत के आदेश का उद्देश्य क्या है? यह बेहद सख्त कदम है कि उन्होंने क्लब को सील कर दिया है। डीडीए की तरफ से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) चेतन शर्मा ने कहा कि क्लब के सदस्य बरकरार रहेंगे और डीडीए संपत्ति के स्वामित्व के अपने अधिकार का प्रयोग कर सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी सुविधा पर रोक नहीं लगाई जाएगी। ऐसा नहीं है कि क्लब बंद हो जाएगा।

इस पर जस्टिस ने कहा, ‘‘… तो यह एक क्लब नहीं रह जाएगा, क्लब हमेशा एक आंतरिक गतिविधि है।’’एएसजी ने दलील दी कि इस मामले में अवमानना का मामला नहीं बनता है और यह अवमानना याचिका डीडीए पर दबाव बनाने के लिए दायर की गई है। डीडीए की स्थायी वकील मनिका त्रिपाठी ने कहा कि वह एक सप्ताह के भीतर बीसीसीआई मैदान, क्रिकेट मैदान और अन्य मैदानों सहित आउटडोर (बाहरी) सुविधाओं को खोलने पर विचार कर रही है।और यह मानवीय स्पर्श के साथ सभी के लिए खुला रहेगा।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox