जब दूसरों के लिए दिल धड़केगा, तब बनेगा श्रेष्ठ भारत- जेपी सिंघल

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जब दूसरों के लिए दिल धड़केगा, तब बनेगा श्रेष्ठ भारत- जेपी सिंघल

जब दूसरों के लिए दिल धड़केगा, तब बनेगा श्रेष्ठ भारत- जेपी सिंघल

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- दिल्ली अध्यापक परिषद द्वारा ऑनलाइन आयोजित तीन दिवसीय कार्यकर्ता अभ्यास वर्ष के समापन समारोह में ष्एक भारत श्रेष्ठ भारत विषय पर बोलते हुए श्री जे. पी. सिंघल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, ने उपरोक्त बातें कही।
                      प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी दिल्ली अध्यापक परिषद द्वारा 4 जून से 6 जून तक तीन दिवसीय कार्यकर्ता अभ्यास वर्ग का आयोजन किया गया, जिसका आज समापन समारोह था। इस समारोह में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ से जहां पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल प्रसाद अग्रवाल, राष्ट्रीय संगठन मंत्री माननीय महेंद्र कपूर,श्री मोहन पुरोहित, श्री पवन मिश्रा, श्री जगदीश कौशिक जी,समन्वयक मोहनलाल जी उपस्थित रहे, वहीं दिल्ली के शिक्षा निदेशक, माननीय उदित प्रकाश राय जी की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री राजेंद्र गोयल ने किया तथा तकनीकी सहयोग अतिरिक्त महामंत्री अवधेश पराशर ने दिया।
                     तीसरे दिन सरस्वती वंदना श्रीमती इंदु राठी, उपाध्यक्ष, न. दि. न. पालिका ने की। इस सत्र का विषय “संगठन का विस्तार क्यों और कैसे? का संचालन श्री ज्ञानेंद्र मावी, मंत्री राजकीय निकाय और भूमिका श्रीमती सरोज शर्मा, महिला उपाध्यक्ष ने रखी।  मुख्य वक्ता श्री जयभगवान गोयल जी, संस्थापक एवं वर्तमान संरक्षक, दिल्ली अध्यापक परिषद जी ने विस्तार से संगठन की आवश्यकता, कार्यकर्ता के गुण, कार्यकर्ताओं की सोच में भिन्नता, सदस्यता का लक्ष्य, समस्याओं का समाधान राष्ट्रहित में कार्य करने की भावना पर प्रमुख बल दिया। उन्होंने कहा कि हमारा संगठन एक राष्ट्रीय सोच वाला संगठन है। अतः राष्ट्र हित में संगठन का लगातार विस्तार होना अति आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि हम संगठन के लिए कार्य करते हैं। हमारी पहचान दिल्ली अध्यापक परिषद से है। अतः संगठन की रीति नीति के अनुरूप कार्य करते हुए सभी विद्यालयों और शिक्षकों तक पहुंचे। उन्होंने आह्वान किया कि संगठन से सर्वसमाज को जोडें, विशेषकर महिलाओं और वंचित वर्ग के शिक्षक साथियों को अवश्य साथ लें। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विमल प्रकाश अग्रवाल ने भी सभी को मिलकर संगठन विस्तार के महत्व को बताया।
                      समापन सत्र में ष्एक भारत श्रेष्ठ भारतष् विषय पर संबोधित करते हुए श्री जे.पी. सिंघल, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, ने कहा कि दुनिया विचारों से चलती हैं और भारत का भी अपना एक सर्वश्रेष्ठ विचार है। हमारी सोच है वसुधैव कुटुम्बकम की रही है। भारत पूरी दुनिया को अपने कुटुंब के रूप में मानता है। विविधता हमारे लिए बाधा नहीं रही है, बल्कि हमने इसे उत्सव के रूप में स्वीकार किया है। यह सदियों से हमारी पहचान रही है। पंथ, भाषा, वेषभूषा, रहन-सहन, खान-पान, रीति-रिवाज, परंपराएं, त्यौहार आदि सभी में अनेकता पाई जाती है फिर भी हम एक हैं। उन्होंने कहा कि  पिछले कुछ वर्षों से हमारी पहचान को मिटाने का प्रयास किया गया है, इसमें बाधाएं पैदा की गई हैं।हमारी सोच और संस्कृति को लेकर हमारे अंदर भटकाव पैदा किया गया है। इस बाधा और भटकाव को दूर करना शिक्षकों का परम कर्तव्य है। हमें हमारी राष्ट्रीय एकता को सुदृढ करने के लिए शिक्षा को बालक केन्द्रित और ज्ञान केन्द्रित बनाना होगा, बच्चों में भारतीए संस्कार विकसित करना होगा तभी भारत श्रेष्ठ बनेगा।विकास को मानव केन्द्रित कर, समाज को विवेकपूर्ण बनाकर, भारत को आत्मनिर्भर बनाकर ही हम एक श्रेष्ठ राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब हमारे अंदर दूसरों के लिए संवेदना होगी, जब हम दूसरों का सम्मान करेंगे, जब हमारा दिल दूसरों के लिए धड़केगा तभी श्रेष्ठ भारत का निर्माण होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री जी द्वारा चलाए जा रहे ष्एक भारत श्रेष्ठ भारतष् कार्यक्रम में सभी कार्यकर्ताओं को आगे बढ़कर सहयोग करने का आह्वान किया।
                           शिक्षा निदेशक, दिल्ली श्री उदित प्रकाश राय जी ने अपने उद्बोधन में कोरोना काल में शिक्षक की भूमिका को दिल से सराहा। दिल्ली अध्यापक परिषद की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली अध्यापक परिषद एवं उसके पदाधिकारी कभी भी अपने हित के लिए बात नहीं करते बल्कि समस्त शिक्षक एवं समाज के हित की बात करते हैं। दिल्ली अध्यापक परिषद के सुझाव पर ही उन्होंने टीजीटी  से पीजीटी प्रमोशन की लिस्ट निकाली और शहीद शिक्षक और उनके परिवार के हित में कई ठोस कदम उठाए हैं।  
                            समापन समारोह का संचालन श्री राजेंद्र गोयल जी ने किया। उन्होंने अभ्यास वर्ग की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि अभ्यास वर्ग को 6 सत्रों में विभाजित किया गया, कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री वेद प्रकाश जी, अध्यक्ष, दिल्ली अध्यापक परिषद ने की जिसमें परिषद के चारों निकाय – राजकीय, सहायता प्राप्त, नगर पालिका परिषद और दिल्ली नगर निगम के 189  कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।  

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