गंगा की तरह अब दिल्ली में भी रोज यमुना आरती की तैयारी, घाट किया जा रहा विकसित

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September 18, 2026

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गंगा की तरह अब दिल्ली में भी रोज यमुना आरती की तैयारी, घाट किया जा रहा विकसित

मानसी शर्मा / – हरिद्वार और वाराणसी में गंगा आरती तो जरूर देखी होगी। यह नजारा इतना अद्भुत होता है कि ज्यादातर लोग इसमें खो जाते हैं। अब आपको ऐसे भावविभोर क्षणों का आनंद लेने के लिए दिल्ली से बाहर जाने की जरूरत नहीं है क्योंकि जल्द आईएसबीटी के पास आपको पंडित ऐसी ही आरती करते नजर आएंगे।

कश्मीरी गेट आईएसबीटी के सामने यमुना किनारे पश्चिमी तट पर एक घाट विकसित किया जा रहा, जिसका नाम वासुदेव घाट है। इसका निर्माण कार्य जल्द ही पूरा हो जाएगा। जिसके बाद गंगा आरती की तर्ज पर घाट पर रोजाना यमुना आरती की जाएगी। इस योजना का काम दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) कर रहा है। योजना के तहत एक घाट, एक पैदल मार्ग, एक स्नान स्थल और चारबाग शैली में बारादरी (मंडप जैसी संरचनाएं) और छतरियां (छतरियां) के साथ लैंडस्केप बनाए जाएंगे।

उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सोमवार शाम वासुदेव घाट पर आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया और अयोध्या में रामलला के नवनिर्मित मंदिर की प्रतिकृति की पूजा-अर्चना की। राज निवास के अधिकारियों ने कहा कि बारादरी और छतरी जैसी कई संरचनाएं और गुलाबी बलुआ पत्थरों से बने दो हाथी पहले ही इंस्टॉल (स्थापित) किए जा चुके हैं और साथ ही 300 किलोग्राम वजनी एक बड़ी घंटी भी लगाई गई है।

एक अधिकारी ने कहा, ‘वासुदेव घाट का विकास नदी के दोनों किनारों पर यमुना बाढ़ क्षेत्र के रिस्टोरेशन का एक हिस्सा है। जिस तरह से नदी के किनारे यमुना वाटिका, बांसेरा और असिता का विकास किया गया है, उसी तरह वासुदेव घाट भी बनाया जा रहा है।’ उन्होंने कहा कि कुल 16 हेक्टेयर बाढ़ क्षेत्र- उत्तर में युधिष्ठिर सेतु से दक्षिण में निगमबोध घाट तक 1.5 किमी का विस्तार – व्यापक लैंडस्केप के साथ विकसित किया जा रहा है। नए घाट में नदी में जाने के लिए सीढ़ियां, यहां लोग बैठकर नदी को निहार सकेंगे। घाट का रिवरफ्रंट करीब 150 मीटर लंबा होगा।

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