नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/उत्तराखंड/शिव कुमार यादव/- उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के मध्य फिलहाल शुक्रवार से वीआइपी एंट्री पर रोक लगा दी है। डीजीपी ने शुक्रवार को बताया कि अब सभी माननीय को भी आम लोगों की तरह ही दर्शन करना होगा। इसके लिए केवल दो घंटे का समय दिया जाएगा। इसके पहले सही इंतजाम नहीं होने की वजह से 28 लोगों की मौत भी हो चुकी है।
वहीं उत्तराखंड के सीएम पुष्कर धामी ने लोगों से अपील की है कि जिन लोगों को स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी है, वे कुछ दिन बाद यात्रा करें। कोरोना के चलते बंद रही चारधाम यात्रा करीब दो साल बाद शुरू हुई है। दर्शन करने के लिए श्रद्धालु भारी मात्रा में पहुंच रहे हैं। पिछले 6 दिनों में करीब 1 लाख 30 हजार लोगों ने दर्शन किए हैं। इसी वजह से प्रशासन ने वीआईपी एंट्री पर रोक लगा दी है।
इसके पहले प्रशासन की और से सही इंतजाम नहीं होने की वजह से कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। रुदप्रयाग से 11 बीमार लोगों को एयरलिफ्ट करके दूसरी जगहों पर भेजा गया।हालात इतने खराब थे कि भगदड़ और लाठीचार्ज की स्थिति पैदा हो गई। केदारनाथ के अलावा बद्रीनाथ और यमुनोत्री में भी प्रशासन की लापरवाही सामने आई है।
जिलाधिकारी ने बताया कि धाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं को अब एक ही लाइन में खड़े होकर दर्शनों के लिए इंतजार करना होगा। लाइन में खड़े श्रद्धालुओं को दो घंटे में दर्शन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। रोजाना बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर में आईटीबीपी और एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही रास्तों में पुलिस के जवान लोगों की मदद भी कर रहे हैं। पिछले दिनों कुछ लापरवाही के मामले सामने आए थे। इसी वजह से कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।


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