किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज केस वापस लेने की तैयारी

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 25, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज केस वापस लेने की तैयारी

-दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों के विरोध को लेकर प्रदर्शन करने वाले किसानों के खिलाफ  प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने तैयारी पूरी हो चुकी है और अभी 54 में से 17 मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसमें पिछले साल गणतंत्र दिवस पर लालकिला पर हुई हिंसा से जुड़ा एक मामला भी शामिल है। यह समझौता केंद्र सरकार व किसान मोर्चा के तहत हुआ था जिसे पूरा करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
               तीन विवादित कृषि कानूनों को रद्द किए जाने के बाद दिसंबर 2021 में ये प्रदर्शन समाप्त हुए थे। केंद्र ने नवंबर 2020 और दिसंबर 2021 के बीच प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने पर भी सहमति जताई थी। किसानों पर दर्ज जिन मामलों को वापस लिया जाना है, उसमें वो दो मामले भी शामिल हैं, जिसमें पुलिस आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है।  
                बता दें कि तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर वर्ष 2020-21 में राजधानी की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन चल रहा था। उस दौरान 26 जनवरी 2021 को किसानों के एक मार्च के दौरान लालकिला समेत राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में किसानों की पुलिस के साथ हिंसक झड़प हुई थी। पुलिस ने इस मामले में पहले 25 केस दर्ज किए थे। बाद में जांच के साथ किसानों पर हिंसा समेत अन्य मामलों में कुल 54 एफआईआर दर्ज की गई हैं। कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद किसानों पर दर्ज केस भी वापस लेने की शुरुआत की गई है।
                दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने किसान आंदोलन के दौरान दर्ज 54 एफआईआर में से 17 मामले उपराज्यपाल अनिल बैजल को भेजे हैं। यह मामले 28 जनवरी 2022 को भेजे गए थे। पुलिस का कहना है कि यह वो मामले हैं, जिसमें केस वापस लिए जा सकते हैं। उपराज्यपाल ने पुलिस के प्रस्ताव को 31 जनवरी 2022 को दिल्ली सरकार के गृह विभाग के सचिव को भेज दिया है। सूत्रों की मानें तो गृह विभाग एक कमेटी का गठन करके इस मामले में एक बैठक भी कर चुकी है। अंतिम फैसले के लिए फाइल को 16 फरवरी 2022 को दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन को भेज दिया गया है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox