कश्‍मीर में अनुच्‍छेद 370 पर चीन की प्रतिक्रिया आई सामने

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कश्‍मीर में अनुच्‍छेद 370 पर चीन की प्रतिक्रिया आई सामने

-भारत-पाकिस्तान के बीच इतिहास से जुड़ा मुद्दा बताया, शांतिपूर्वक हल करने की बात कही -संयुक्‍त राष्‍ट्र पहुंचा पाकिस्‍तान, भारत ने दिया करारा जवाब

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- कश्मीर में अनुच्छेद 370 पर भारतीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया व्यक्त की है। चीन ने कहा कि कश्‍मीर भारत और पाकिस्‍तान के बीच इतिहास से जुड़ा मुद्दा है। इसका शांतिपूर्वक हल किया जाना चाहिए। चीन ने कश्‍मीर को लेकर एक बार फिर से संयुक्‍त राष्‍ट्र प्रस्‍तावों का राग भी अलापा है।
         वहीं जम्‍मू-कश्‍मीर में अनुच्‍छेद 370 को हटाने के फैसले को वैध ठहराने के बाद पाकिस्‍तान जहां बौखलाया हुआ है, जिसके चलते पाकिस्‍तान की सरकार अब जम्‍मू कश्‍मीर के मुद्दे को लेकर संयुक्‍त राष्‍ट्र मानवाधिकार परिषद पहुंच गई है जहां उसे भारत से करारा जवाब मिला है।

वहीं चीन ने इस मामले पर अब तक चुप्‍पी साध रखी थी। भारतीय सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के करीब 24 घंटे बाद चीन ने अब चुप्‍पी तोड़ी है। चीन ने कहा है कि कश्‍मीर का मुद्दा भारत और पाकिस्‍तान के बीच इतिहास से जुड़ा हुआ है। चीन ने कहा कि इसे संयुक्‍त राष्‍ट्र चार्टर, सुरक्षा परिषद के प्रस्‍ताव और द्विपक्षीय समझौतों के जरिए शांतिपूर्वक तरीके से हल किया जाना चाहिए।
          वहीं चीन के ग्‍लोबल टाइम्‍स ने कहा कि भारतीय सुप्रीम कोर्ट का फैसला संयुक्‍त राष्‍ट्र के एक प्रस्‍ताव का उल्‍लंघन करता है। माना जा रहा है कि चीन के विदेश मंत्रालय ने भी इसलिए अपने बयान में संयुक्‍त राष्‍ट्र चार्टर और सुरक्षा परिषद के प्रस्‍ताव का जिक्र किया है। इस बीच पाकिस्‍तान ने जम्‍मू कश्‍मीर के मामले को संयुक्‍त राष्‍ट्र मानवाधिकार परिषद में उठाया है जहां उसे भारत से करारा जवाब मिला है। भारत ने कहा कि हम पाकिस्‍तान के मानवाध‍किरों के मंच के गलत इस्‍तेमाल करने की निंदा करते हैं जिसने जम्‍मू कश्‍मीर का गैर अनुचित जिक्र किया है।
           भारत ने कहा कि इसकी बजाय पाकिस्‍तान अपने देश में अल्‍पसंख्‍यकों के मानवाधिकारों का उल्‍लंघन बंद करवाए और भारत की जमीन के अंदर सीमापार आतंकवाद पर लगाम लगाए। भारतीय सुप्रीम कोर्ट के फैसला देने के बाद से पाकिस्‍तान की केयर टेकर सरकार और वहां के नेता बौखलाए हुए हैं। शहबाज शरीफ हों या बिलावल भुट्टो, सभी जहर भरे बयान दे रहे हैं। पाकिस्‍तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय सर्वोच्‍च अदालत का फैसला हम नहीं मानते हैं। पाकिस्‍तान ने कहा कि भारत को कश्‍मीर के दर्जे को एकतरफा तरीके से बदलने का कोई अधिकार नहीं है।
           पाकिस्‍तान ने यह भी कहा है कि वह इस पूरे मुद्दे को संयुक्‍त राष्‍ट्र से लेकर इस्‍लामिक देशों के संगठन ओआईसी तक ले जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्‍तान से ज्‍यादा भारत को चीन से खतरा बढ़ने जा रहा है। चीन ने भारत के 370 को हटाने के फैसले के बाद लद्दाख के गलवान में खूनी हमला किया था। इस हमले में भारत और चीन दोनों के ही सैनिक मारे गए थे। चीन का दावा है कि लद्दाख उसका इलाका है जबकि खुद उसने अक्‍साई चिन पर कब्‍जा कर रखा है जो भारतीय इलाका है।

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