ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद बेनकाब हुआ पाकिस्तान का झूठ, मिला ‘फतह-1’ रॉकेट का मलबा

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 7, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद बेनकाब हुआ पाकिस्तान का झूठ, मिला ‘फतह-1’ रॉकेट का मलबा

मानसी शर्मा /- जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर की प्रसिद्ध डल झील एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह पाकिस्तान की कथित उन्नत बैलिस्टिक मिसाइल ‘फतह-1’ का मलबा है, जो झील के तल से बरामद हुआ है। यह घटना ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना की खुफिया और तकनीकी नाकामी को उजागर करती है और इस्लामाबाद के प्रचार दावों की सच्चाई पर भी सवाल खड़े करती है।

डल झील से मिला मिसाइल का अवशेष

21 सितंबर 2025 को झील संरक्षण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एलसीएमए) की एक सफाई टीम ने डल झील के पास एक संदिग्ध वस्तु बरामद की, जो जांच में पाकिस्तानी ‘फतह-1’ मिसाइल का अप्रभावित हिस्सा निकली। इस अवशेष को तुरंत पुलिस को सौंपकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। उसी दिन, श्रीनगर के लासजन इलाके से भी एक संदिग्ध वस्तु मिली, जिसे इस घटना से जोड़कर देखा जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, यह मिसाइल श्रीनगर एयरबेस को निशाना बनाने के प्रयास में दागी गई थी, लेकिन नेविगेशन सिस्टम की खराबी के कारण यह झील में गिर गई। मिसाइल झील के पानी में गिरते ही फट गई, लेकिन इसका पूरा प्रभाव नहीं हुआ, जिससे मछलियां और जलजीव इसकी शिकार बनीं। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में इस मलबे की स्पष्ट पहचान की जा सकती है, जो पाकिस्तानी हथियार प्रणाली की कमजोरियों को दर्शाती है।

पाकिस्तानी दावों की पोल खुली

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने कई प्रचार अभियान चलाकर दावा किया था कि उनकी ‘फतह-1’ मिसाइल श्रीनगर एयरबेस को निशाना बनाकर सफल रहीं और भारतीय विमानों को नुकसान पहुंचाया। लेकिन डल झील से बरामद अवशेष इन दावों को पूरी तरह से खारिज करता है। भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इसे पाकिस्तान की उकसावेपूर्ण और बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई हरकत बताया, जो न केवल क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा है बल्कि नागरिक सुरक्षा को भी जोखिम में डालती है।

दूसरी ओर, पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस मलबे को भारतीय ‘पिनाका’ रॉकेट का बताया, लेकिन फोरेंसिक जांच और विशेषज्ञ विश्लेषण ने इस दावे को पूरी तरह गलत साबित कर दिया है। इस घटना के बाद पाकिस्तान ने अपनी सेना में ‘आर्मी रॉकेट फोर्स’ की स्थापना की घोषणा की है, जिससे यह माना जा रहा है कि उनकी रक्षा प्रणाली में गंभीर कमियां हैं।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox