
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- उत्तर भारतीय एक्स पैरामिलिट्री महापंचायत ने डॉक्टर सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा अर्धसैनिक बलों के कल्याण संबंधित मुद्दों को संसद में उठाने के लिए आभार जताया है। याद रहे कि अपनी जायज मांगों को संसद में उठाने के लिए पुर्व अर्धसैनिकों ने माननीय सांसद से गुहार लगाई थी।
एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने प्रैस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि डॉक्टर सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा यह पुछा गया था कि अर्धसैनिक बल जो कि सीसीएस नियमावली के तहत आते हैं क्या जवानों के बेहतर वेतन-भत्ते, सेवा शर्तें, शिक्षा-स्वास्थ्य, पुनर्वास एवं कल्याण हेतु अलग से नियम बनाने हेतु कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन है। ज्ञातव्य है कि पिछले दिनों 100 दिनों की छुट्टी वास्ते महानिदेशालय सीआरपीएफ द्वारा गृहमंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया था और इसके ज़वाब में गृहमंत्रालय द्वारा लिखित जवाब में कहा गया कि उपरोक्त सुरक्षा बल सिविलियन फोर्स है तो क्या माननीय गृह मंत्री जी का 100 दिन छुट्टी वाला फार्मूला बेमानी है।
ज्ञातव्य है कि पुरानी पैंशन बहाली, ओआरओपी, ओजीएएस, अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड के गठन, सीपीसी कैंटीन पर 50 प्रतिशत जीएसटी छूट, एक्स मैन स्टेटस व उपरोक्त काले कानून को बदलने के लिए रणबीर सिंह महासचिव के नेतृत्व में पुर्व अर्धसैनिक प्रतिनिधि मंडल द्वारा माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, गृहराज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ,रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ओर यहां तक कि महामहिम राष्ट्रपति जी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। लगता है कि सरकार पैरामिलिट्री चौकीदारो के प्रति उदासीन व लापरवाह रवैया अख्तियार किए हैं। जब सरकारें नहीं सुन रही हो तो पूर्व सैनिकों के पास 14 फरवरी को बापू की समाधि राजघाट पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन के अलावा कोई चारा ही नहीं बचा है।





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