
नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- उपराष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी पर अमित शाह के हमले के बाद बचाव करने वाले 18 पूर्व न्यायाधीशों के बयान की मंगलवार को करीब 56 पूर्व न्यायाधीशों ने निंदा की है। 56 पूर्व न्यायाधीशों ने कहा कि यह राजनीतिक सुविधा के लिए न्यायिक स्वतंत्रता की ढाल का दुरुपयोग करने के समान है।

बता दें कि, 18 पूर्व न्यायाधीशों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान को लेकर सुदर्शन रेड्डी का बचाव करते हुए सलवा जुडूम को भंग करने को लेकर अमित शाह के हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। जिसपर अब 56 पूर्व न्यायाधीशों ने बड़ी बात कही है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के 56 पूर्व न्यायाधीशों ने कहा, ये बयान न्यायिक स्वतंत्रता की भाषा के तहत अपने राजनीतिक पक्षपात को छिपाने के लिए हैं। यह परिपाटी संस्था को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है, क्योंकि यह न्यायाधीशों को राजनीतिक भूमिका निभाने वालों के रूप में पेश करती है।

उन्होंने एक बयान में कहा, जिन लोगों ने राजनीति में जाना चुना है, उन्हें उसी क्षेत्र में अपना बचाव करने दें। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका को ऐसी उलझनों से अलग और ऊपर रखा जाना चाहिए।





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