उद्धव ठाकरे शिवसेना का दावा, ‘अजित पवार के साथ बार-बार मुलाकात से शरद पवार की छवि हो रही खराब’

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October 8, 2026

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उद्धव ठाकरे शिवसेना का दावा, ‘अजित पवार के साथ बार-बार मुलाकात से शरद पवार की छवि हो रही खराब’

-अपने मुखपत्र सामना में इन मुलाकातों को लेकर उठाया सवाल, आखिर भाजपा के चाणक्य क्या सिद्ध करने की कोशिश कर रहे

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/मुंबई/शिव कुमार यादव/- एनसीपी से अलग होकर एनडीए में शामिल होने वाले महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार से बार-बार मुलाकात करने को लेकर उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना ने सोमवार को दावा करते हुए कहा कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार की छवि खराब हो रही है। अपने मुखपत्र ’सामना’ में कहा कि यह देखना दिलचस्प है कि अजित पवार अक्सर अपने चाचा शरद पवार से मिलते रहते हैं। वहीं, शरद को भी इससे परहेज नहीं हैं।

भाजपा के ’चाणक्य’ की कोशिश

सामना में कहा गया है कि लगातार हो रहीं मुलाकातों से संदेह है कि भाजपा के ’चाणक्य’ अजित को वरिष्ठ पवार से मिलने के लिए भेजकर कुछ भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, ऐसी बैठकें शरद पवार की छवि को खराब करती हैं और यह अच्छा नहीं है।

दो दिन पहले हुई थी बैठक

बता दें, यह टिप्पणियां महाराष्ट्र में शिवसेना-भाजपा सरकार का हिस्सा और बागी एनसीपी विधायकों के समूह के प्रमुख शरद पवार और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के बीच पुणे में एक व्यवसायी के आवास पर हुई ’गुप्त’ बैठक के दो दिन बाद आई हैं। हालांकि, रविवार को शरद पवार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कुछ शुभचिंतक मनाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हमारी पार्टी भाजपा के साथ नहीं खड़ी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भतीजे अजित पवार मुझसे मिलते हैं तो इसमें कुछ गलत नहीं है।

राजनीतिक खेल के प्रति नीरस

’सामना’ के संपादकीय में कहा गया है कि हर दिन भ्रम पैदा करने का यह कदम लोगों के दिमाग से परे हो गया है। मौजूदा राजनीतिक खेल के कारण लोग इसके प्रति नीरस हो गए हैं। इसमें आगे कहा गया है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने पवारों के बीच बैठकों को मनोरंजक बताया है।

पद खोने के डर से उड़ी नींद

पत्र में कहा गया कि महाराष्ट्र सरकार में भाजपा के साथ हाथ मिलाने के अजित पवार के फैसले ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट का सबसे बड़ा मजाक उड़ाया है। विशेष रूप से, शिंदे के समर्थक विधायक संजय शिरसाट ने हाल ही में दावा किया था कि मुख्यमंत्री 24 घंटे काम करते हैं और इसलिए बीमार पड़ गए हैं। इसका जिक्र करते हुए मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि शिंदे 24 घंटे काम करते हैं, लेकिन इसका असर राज्य में कहीं नहीं दिखता। अगर कभी भी पद खोने के डर से उनकी नींद उड़ गई तो यह नहीं कहा जा सकता कि वह काम कर रहे हैं।

खराब स्वास्थ्य के जिम्मेदार अजित

जब भी शिंदे की नींद टूटती है तो वह अपने पैतृक निवास सतारा चले जाते हैं और कुछ देर आराम करते हैं। इसमें दावा किया गया कि उनके खराब स्वास्थ्य के लिए अजित पवार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। अजित पवार के सरकार में शामिल होने के बाद से शिंदे की दिल की धड़कनें बढ़ गई हैं और उनका दिमाग अस्थिर हो गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि शरद पवार के साथ अजित पवार की लगातार बैठकों ने भी उनके (शिंदे गुट के) छोटे दिमाग को चोट पहुंचाना शुरू कर दिया है।

शिंदे का स्वास्थ्य बुलेटिन जारी

संपादकीय में व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा गया है कि अगर शिरसाट के दावे सही हैं, तो शिंदे को आईसीयू में भर्ती कराया जाना चाहिए और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडनवीस या अजीत पवार से मिलने से दूर रखा जाना चाहिए। शिंदे को मुंबई या ठाणे के किसी अच्छे अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में एक स्वास्थ्य बुलेटिन जारी किया जाना चाहिए।

बाहरी लोगों के डिप्टी के रूप में काम कर रहे

सामना में पूर्व सीएम फडनवीस पर भी निशाना साधते हुए कहा गया कि जिसने कहा था कि वह सत्ता में लौटेगा, वह वर्तमान में बाहरी लोगों के डिप्टी के रूप में काम कर रहा है। संपादकीय में आगे कहा गया कि डिजिटल दुनिया में कुछ भी गुप्त नहीं रहता। इसमें कहा गया कि महाराष्ट्र में संभावित बदलाव की अटकलें तब लगीं जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कुछ दिन पहले राज्य का दौरा किया और शिंदे बीमार पड़ गए। उनके गुट को इस बीमारी को गंभीरता से लेना चाहिए। महाराष्ट्र इस तरह की बीमारी से उभरेगा, लेकिन हम यह स्पष्ट करते हैं कि राज्य को किसी तरह के मनोरंजन के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

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