उत्तर जिला पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ऑटो लिफ्टर गैंग का भंडाफोड़

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
MTWTFSS
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930 
September 19, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-चार नाबालिग पकड़े गए -15 चोरी की दोपहिया वाहन बरामद

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-  उत्तरी जिले की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) ने वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाते हुए एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार नाबालिगों को पकड़कर उनके कब्जे से कुल 15 चोरी की गई दोपहिया गाड़ियां बरामद की हैं। आरोपी दिल्ली के विभिन्न इलाकों से केवल बाइक और स्कूटी को निशाना बनाते थे और मास्टर चाबी की मदद से वारदात को अंजाम देते थे।

गुप्त सूचना पर बिछाया जाल
पुलिस टीम को 15 फरवरी 2026 की दोपहर एक गोपनीय सूचना मिली थी कि चार लड़के चोरी की दो स्कूटी पर सवार होकर दया बस्ती रेलवे यार्ड रोड, सराय रोहिल्ला इलाके में आने वाले हैं। सूचना की पुष्टि होते ही एएटीएस की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छापेमारी की योजना बनाई। टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और थोड़ी ही देर में दो स्कूटी पर आते चारों युवकों को रोक लिया।

जब उनसे वाहनों के कागजात मांगे गए तो वे कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। तकनीकी जांच में सामने आया कि दोनों स्कूटी क्रमशः बाड़ा हिंदूराव और सब्जी मंडी थाना क्षेत्रों से चोरी की गई थीं। पूछताछ में पता चला कि सभी आरोपी 18 वर्ष से कम उम्र के हैं।

छिपाकर रखी थीं चोरी की गाड़ियां
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर रेलवे कॉलोनी, दया बस्ती और आसपास के परित्यक्त क्वार्टरों से 13 अन्य चोरी की दोपहिया वाहन बरामद किए। इस तरह कुल 15 वाहन—8 मोटरसाइकिल और 7 स्कूटी—जब्त की गईं, जो दिल्ली के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से चोरी की गई थीं।

नशे की लत ने बनाया अपराधी
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी नशे के आदी हैं और पिछले दो वर्षों से वाहन चोरी की घटनाओं में शामिल रहे हैं। वे शाम और रात के समय रिहायशी इलाकों और बाजारों में खड़ी दोपहिया गाड़ियों को निशाना बनाते थे। चोरी के बाद वे वाहनों को सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखते और बाद में उन्हें बेचने के लिए खरीदार तलाशते थे। हालांकि, इससे पहले कि वे चोरी की गाड़ियां बेच पाते, पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।

किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई
चूंकि सभी आरोपी नाबालिग हैं, इसलिए उनके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई है। पुलिस का कहना है कि गिरोह की गतिविधियों की आगे भी जांच की जा रही है और यदि अन्य मामलों में संलिप्तता सामने आती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox