इस्लाम का हिस्सा नही हिजाब, इस्लाम की अनिवार्य धार्मिक प्रथा नहीं- कर्नाटक सरकार

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August 25, 2026

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इस्लाम का हिस्सा नही हिजाब, इस्लाम की अनिवार्य धार्मिक प्रथा नहीं- कर्नाटक सरकार

-कर्नाटक हिजाब विवाद में :6वें दिन भी सुनवाई रही जारी, 1985 से कॉलेज में चल रही यूनिफॉर्म, एचसी में बोली राज्य सरकार
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/कर्नाटक/शिव कुमार यादव/- कर्नाटक हिजाब विवाद पर हाईकोर्ट का क्या फैसला आता है, इस पर 6वें दिन की सुनवाई जारी है। लेकिन अभी तक यह सस्पेंस बरकरार है कि इस मामले में फैसला कब तक होगा। हालांकि अपनी दलील के दौरान एटॉर्नी जनरल प्रभुलिंग नवदगी ने कोर्ट में कहा कि हम यह मानते हैं कि हिजाब इस्लाम की अनिवार्य धार्मिक प्रथा नहीं है। राज्य सरकार ने आदेश दिया है कि छात्रों को कॉलेजों द्वारा निर्धारित यूनिफॉर्म पहननी चाहिए जिसका कानून 1985 से चल रहा है। राज्य सरकार धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहती।
               इसके पहले कलबुर्गी में कांग्रेस नेता मुकर्रम खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कांग्रेस नेता के खिलाफ प्च्ब् की धारा 153 (।), 298 और 295 के तहत मामला दर्ज किया गया है। वायरल वीडियो में मुकर्रम खान यह कहते हुए दिखाई दे रहे थे कि हिजाब का विरोध करने वालों को टुकड़ों में काट दिया जाएगा। हमारी जाति (धर्म) को चोट मत पहुंचाओ, सभी जातियां समान हैं। आप कुछ भी पहन सकते हैं, आपको कौन रोकेगा?
              इससे पहले गुरुवार को मामले पर सुनवाई हुई, लेकिन किसी तरह का फैसला नहीं आ सका। गुरुवार को सुनवाई के दौरान 5 छात्राओं के वकील एएम डार ने कोर्ट के सामने ये दलील रखी की कि सरकार के आदेश से उन लोगों पर असर पड़ेगा जो हिजाब पहनते हैं। यह असंवैधानिक है। इसके बाद कोर्ट ने डार से मौजूदा याचिका वापस लेकर नई याचिका लगाने कहा। शुक्रवार को कोर्ट बाकी बची 7 याचिकाओं के आधार पर सुनवाई कर रहा है।
                हिजाब को लेकर लगाई गई एक अन्य याचिका में डॉ. कुलकर्णी ने कोर्ट के सामने कहा कि कृपया शुक्रवार और रमजान के दौरान हिजाब पहनने की अनुमति दें। 5वें दिन की सुनवाई के बीच नई याचिकाएं आने पर चीफ जस्टिस ने याचिकर्ताओं से कहा कि हम चार याचिकाएं सुन चुके हैं, 4 बाकी हैं। हमें नहीं पता कि आप इसके लिए और कितना टाइम लेंगे। हम इसके लिए और ज्यादा समय नहीं दे सकते।
                बेंच ने एडवोकेट रहमतुल्लाह कोतवाल की याचिका, जनहित याचिका अधिनियम 2018 के तहत न होने के कारण खारिज कर दी। इसके पहले वकील ने बिना पहचान बताए ही दलील शुरू की तो जस्टिस दीक्षित ने उनसे पूछा कि आप इतने महत्वपूर्ण और गंभीर मामले में कोर्ट का समय बर्बाद कर रहे हैं, पेजिनेशन ठीक नहीं है, पहले अपनी पहचान बताओ, तुम हो कौन?
                कर्नाटक के हुबली-धारवाड़ में स्कूल-कॉलेज के आसपास धारा 144 को 28 फरवरी तक बढ़ा दिया गया है। तत्काल प्रभाव से लागू किए जाने के साथ 200 मीटर के दायरे में किसी भी तरह का प्रदर्शन बैन रहेगा है। उधर दूसरी तरफ कर्नाटक बेलागवी में प्राइवेट कॉलेज के सामने कुछ लड़कों ने हिजाब पहने हुए मुस्लिम छात्राओं को क्लास में बैठने की अनुमति देने की मांग की। उन्होंने अल्लाह हू अकबर के नारे लगाए। उनमें से कुछ पुलिस ने अरेस्ट कर लिया।

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