आरजेएस के 544वें कार्यक्रम में ग्रामीण शिक्षा पर मंथन                           

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आरजेएस के 544वें कार्यक्रम में ग्रामीण शिक्षा पर मंथन                           

-प्रेरणास्रोत विभूतियों को भावभीनी श्रद्धांजलि -ग्रामीण विकास और शिक्षा पर केंद्रित विशेष वेबिनार

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-   नई दिल्ली में राम जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच) द्वारा आरजेएस पॉजिटिव मीडिया के सहयोग से 544वें कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। उदय कुमार मन्ना के नेतृत्व में आयोजित इस विस्तृत वेबिनार में भारत की ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था, सामाजिक ढांचे और भविष्य की योजनाओं पर गहन चर्चा की गई। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस और सीता नवमी के पावन अवसर पर आयोजित किया गया, जिसमें ग्रामीण भारत की वास्तविक स्थिति और चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया गया।

“भारत की आत्मा गांवों में बसती है” — शिक्षा पर विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान उदय कुमार मन्ना ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं केवल प्रशासनिक ढांचा नहीं, बल्कि देश के विकास की नींव हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि शिक्षा के मजबूत आधार के बिना गांवों का समग्र विकास संभव नहीं है। चर्चा में यह बात सामने आई कि सड़क, पानी, स्वच्छता और रोजगार जैसी योजनाओं की सफलता भी शिक्षा की गुणवत्ता पर निर्भर करती है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और शिक्षा का गहरा संबंध
वेबिनार में यह बताया गया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और शिक्षा एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। यदि गांवों में शिक्षा का स्तर बेहतर होगा तो लोग निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी कर सकेंगे और विकास की गति तेज होगी। मन्ना ने शिक्षा को विकास का सबसे बड़ा साधन बताते हुए इसे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच की खाई को पाटने का मुख्य जरिया बताया।

सांस्कृतिक और आध्यात्मिक प्रेरणाओं को किया नमन
कार्यक्रम में सीता नवमी के अवसर पर माता सीता के त्याग, धैर्य और समर्पण को याद किया गया। साथ ही महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की पुण्यतिथि पर उनके योगदान को श्रद्धांजलि दी गई। उनकी संघर्षपूर्ण यात्रा को ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया गया। इसके अलावा विश्व बौद्धिक संपदा दिवस के महत्व को भी रेखांकित किया गया और नवाचारों के संरक्षण पर जोर दिया गया।

प्रेरणास्रोत विभूतियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि
कार्यक्रम का एक भावुक पहलू आरजेएस पीबीएच के प्रेरणास्रोत स्वर्गीय श्री राम जग सिंह और स्वर्गीय श्रीमती जनक दुलारी देवी को समर्पित रहा। उदय कुमार मन्ना ने उनके जीवन, संघर्ष और समाज सेवा को याद करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने अपने जीवन में सामाजिक उत्थान और शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके मूल्यों और विचारों को ही आरजेएस के सकारात्मक मीडिया आंदोलन की नींव बताया गया।

भविष्य की योजनाओं का रोडमैप जारी
कार्यक्रम के अंत में आगामी गतिविधियों की विस्तृत रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। 29 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस पर विशेष संदेश, 30 अप्रैल को पॉजिटिव मीडिया न्यूज़लेटर का लॉन्च, 1 मई से बुद्ध जागरण सप्ताह और मई के पहले सप्ताह में जीवन विद्या शिविर में भागीदारी जैसे कई कार्यक्रमों की घोषणा की गई। इसके अलावा अगस्त 2026 तक नए पॉडकास्ट, सक्सेस स्टोरीज और पॉजिटिव मीडिया डायलॉग्स शुरू करने की योजना भी साझा की गई।

सकारात्मक सोच से राष्ट्र निर्माण का संदेश
वेबिनार के समापन पर यह संदेश दिया गया कि सकारात्मक सोच और जमीनी स्तर पर किए गए छोटे-छोटे प्रयास ही बड़े बदलाव का आधार बनते हैं। आरजेएस पीबीएच ने 2047 तक इस सकारात्मक अभियान को जारी रखने का संकल्प दोहराया, ताकि ग्रामीण सशक्तिकरण और समाज में सकारात्मकता को वैश्विक स्तर तक पहुंचाया जा सके।

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