आरएसएस के 100 साल पूरे : तीन दिन तक भागवत बताएंगे कैसे हुई यात्रा

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August 24, 2026

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आरएसएस के 100 साल पूरे : तीन दिन तक भागवत बताएंगे कैसे हुई यात्रा

-दिल्ली के विज्ञान भवन में आगे की तैयारी को लेकर चल रहा मंथन

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- संघ के 100 साल पूरे होने पर विज्ञान भवन में 100 वर्ष की संघ यात्राः नए क्षितिज विषय पर आयोजित व्याख्यानमाला के पहले ही दिन आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने एक प्रकार से शताब्दी वर्ष समारोह का आगाज कर दिया। पूरे तीन दिन आरएसएस के दिग्गज संघ की 100 साल की यात्रा का वर्णन करेंगे और आने वाल समय में संघ की भूमिका का क्या होगी इस पर मंथन करेंगे।

संघ शताब्दी वर्ष पर व्याख्यानमाला की शुरूआत भारत माता के समक्ष दीप प्रजवलित कर चित्र पर पुष्प अर्पित के साथ वंदे मातरम गीत के साथ शुरुआत हुई और कार्यक्रम समाप्ति पर राष्ट्रगान गाया। हालांकि संघ के शताब्दी वर्ष समारोह की शुरुआत विजयदशमी के अवसर पर अक्तूबर से होगी।

संघ प्रमुख ने कहा कि इस बार व्याख्यानमाला में संघ के कार्य और अब तक लोगों में रखते रहे तथ्यों को बताने के साथ-साथ इस पर भी ध्यान दिया जाएगा कि आगे संघ कैसे काम करने के बारे में सोच रहा है और देश को किस तरह से अग्रणी बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि संघ के स्वयंसेवक ही सब कुछ करते हैं, संघ परजीवी नहीं है बल्कि अपने स्वयंसेवकों के सहारे ही चलता है और यही वजह है कि सौ साल तक यह संगठन तमाम आरोपों और उपेक्षाओं के बावजूद बना रहा है और बढ़ता ही जा रहा है।

संघ प्रमुख ने बताया कि संघ कभी किसी को कंवींस नहीं करता है केवल अपनी बात को तथ्यों के साथ रखता है। संघ के लिए सभी अपने हैं। किसी को अपना दुश्मन नहीं मानता है। संघ प्रमुख ने साफ संदेश दिया कि प्रत्येक राष्ट्र का एक मिशन होता है इसी प्रकार हरेक की जिम्मेदारी होती है कि वे राष्ट्र के उत्थान में भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि संघ की सौ वर्ष की यात्रा कैसे हुई, क्यों आगे हो रही है, संघ चलाने का उद्देश्य इन सब पर आगे जानकारी भी देंगे।

कार्यक्रम में संघ के संपर्क प्रमुख सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल, अनिल, रामलाल, भाजपा समन्वयक अरुण कुमार, विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार, स्वदेशी जागरण मंच के केंद्रीय सदस्य सुशील पंचाल, प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर, सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, सांसद कंगना रनौत, प्रदेश भाजपा महामंत्री विष्णु मित्तल, विभिन्न देशों के राजदूत, योग गुरु रामदेव, मारवाह संस्थान के मालिक संदीप मारहवाह समेत कई अन्य मौजूद रहे।

कार्यक्रम में बारिश के बाद भी शामिल होने को उत्सुक दिखे गणमान्य विज्ञान भवन में संघ के कार्यक्रम में शामिल होने और संघ प्रमुख मोहन भागवत के विचारों को सुनने के लिए आमो-खास सभी में खासी उत्सुकता नजर आई। कार्यक्रम की शुरुआत से ऐन पहले तेज बारिश के कारण थोड़ा व्यवधान उत्पन्न होता नजर आया, लेकिन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चाहें विभिन्न देशों के राजदूत हों या विदेशी प्रतिनिधि अथवा देश के वरिष्ठ उद्यमियों से लेकर कई अन्य गणमान्य सभी बारिश में कार्यक्रम स्थल में प्रवेश के लिए अपनी बारी की प्रतिक्षा में डटे दिखे।
          कार्यक्रम कितना अनुशासित था, यह इससे भी पता चलता है, कई गणमान्य मौजूद थे, लेकिन कोई सेल्फी अथवा शोर-शराबा नहीं था। वहीं कार्यक्रम स्थल के बाहर पुलिस के साथ ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने व अन्य लोगों को परेशानी पेश न आए, इसके लिए स्वयंसेवकों ने भी विशेषतौर पर जिम्मेदारी को निभाया और वाहन पार्क कराने से लेकर कार्यक्रम समाप्ति पर भी जाम नहीं लगने दिया।

भाषा से न हो दिक्कत, इसकी भी थी व्यवस्था
कार्यक्रम के दौरान हिंदी में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपनी बात को रखा। बीच-बीच में उन्होंने अंग्रेजी और संस्कृत भाषा में भी कुछ पंक्तियां व श्लोक आदि कहे। ऐसे में विदेशी अथवा देश के भी कई गणमान्यों तक उनकी बात सही तरह से पहुंचे, इसके लिए सभा स्थल पर भाषा अनुवादित करने के लिए तकनीक का सहारा लेते हुए विशेष व्यवस्था की गई थी। हिंदी, संस्कृत से अंग्रेजी, स्पेनिश और फ्रेंच में भाषा को अनुवादित कर सुनने के लिए खास तरह के माइक्रोफोन सीट पर लगाए थे। ताकि सभी को संघ प्रमुख की बात सही तरह से समझ आए।

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