अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण में नया मोड़, शाहजहांपुर के पत्रकार ने लगाए दबाव के आरोप

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October 8, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-   शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े मामले में विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। प्रयागराज में दर्ज एफआईआर के बीच अब शाहजहांपुर के एक पत्रकार ने चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। पत्रकार रमाशंकर दीक्षित ने दावा किया है कि उन पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को कथित रूप से फंसाने के लिए दबाव बनाया गया।

‘झूठे आरोप लगाने के लिए कहा गया’
रमाशंकर दीक्षित सोमवार देर शाम केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ पहुंचे और वहां मीडिया से बातचीत की। उन्होंने आरोप लगाया कि एफआईआर की अर्जी देने वाले आशुतोष पांडेय ने उन्हें फोन कर स्वामी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाने को कहा। पत्रकार के मुताबिक, उनसे कहा गया कि वे एक पुरानी घटना से जुड़ा गंभीर आरोप सार्वजनिक करें और इसके बदले आर्थिक सहयोग का आश्वासन दिया गया।

दीक्षित ने बताया कि उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। उनका कहना है कि पारिवारिक और धार्मिक पृष्ठभूमि के कारण उनकी अंतरात्मा ने इसकी अनुमति नहीं दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मना करने पर उन्हें अप्रत्यक्ष रूप से धमकी दी गई।

स्वामी ने जांच को लेकर उठाए सवाल
वहीं, श्रीमठ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस के बजाय किसी गैर-भाजपा शासित राज्य की पुलिस से कराई जानी चाहिए। उनका तर्क है कि निष्पक्षता को लेकर जनता में संदेह है। उन्होंने कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग देने को तैयार हैं और चाहते हैं कि सच जल्द सामने आए, ताकि तथ्यों की स्पष्टता हो सके।

मामला गरमाया, जांच जारी
इस पूरे घटनाक्रम ने मामले को नया आयाम दे दिया है। एक ओर जहां एफआईआर के आधार पर पुलिस जांच कर रही है, वहीं अब दबाव और साजिश के आरोपों ने विवाद को और गहरा कर दिया है। प्रशासन की ओर से फिलहाल आरोपों की पुष्टि या खंडन नहीं किया गया है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और साक्ष्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।

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