अमूल के बाद पराग ने भी बढ़ाया दूध का रेट, 8 महीने में दूसरी बार बढ़े रेट

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अमूल के बाद पराग ने भी बढ़ाया दूध का रेट, 8 महीने में दूसरी बार बढ़े रेट

-आम आदमी को लगा मंहगाई का झटका, शिवरात्रि से ही शुरू हुए बढ़े हुए दाम
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/भावना शर्मा/- देश में मंहगाई को लेकर पहले ही कोहराम मचा हुआ जिस पर अब देश की सबसे बड़ी कोऑपरेटिव डेयरी कंपनी अमूल ने दूध के दाम 2 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दिए है। इसके बाद अब पराग मिल्क फूड्स ने दूध की कीमतों में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। जिससे आम आदमी को मंहगाई का तगड़ा झटका लगा है। शिवरात्रि से ही दूघ के दाम बढ़ गये हैं। मात्र 8 महीने में ही दूसरी बार कंपनियों ने दूध के दाम बढ़ाये हैं।
डेयरी फर्म पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड ने मंगलवार को कहा कि उसने एक मार्च से गोवर्धन ब्रांड के गाय के दूध की कीमत में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इससे पहले अमूल ब्रांड के तहत दूध और दूध उत्पादों की मार्केटिंग करने वाले गुजरात सहकारी दूध विपणन महासंघ  ने सोमवार को कहा था कि दूध की कीमतों में मंगलवार से दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जाएगी। पराग मिल्क ने एक बयान में कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी के साथ गोवर्धन गोल्ड दूध की कीमत अब 48 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 50 रुपये हो जाएगी। गोवर्धन फ्रेश, जो टोंड दूध है, की कीमत अब 46 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 48 रुपये होगी।

8 महीने में दूसरी बार बढ़े दाम-
मौजूदा वित्त वर्ष में यह दूसरी बार है, जब दूध के दाम बढ़ाए गए हैं. इससे पहले जून 2021 में दूध के दाम 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए थे।
क्यों बढ़े दूध के दाम-
पराग मिल्क फूड्स के अध्यक्ष देवेंद्र शाह ने कहा कि बिजली, पैकेजिंग, रसद और पशु चारा की लागत में वृद्धि के कारण दाम बढ़ाए गए हैं।
अब आगे क्या होगा?-
एक्सपर्ट्स का कहना है कि पराग मिल्क फूड्स के अलावा देश की कई अन्य कंपनियां भी दाम बढ़ा सकती है। मदर डेयरी भी जल्द दाम बढ़ाने का ऐलान कर सकती है।
देश की अर्थव्यवस्था में दूध का योगदान-
अर्थव्यवस्था में 4 फीसदी हिस्सेदारी के साथ डेयरी क्षेत्र सबसे बड़ा इकलौता कृषि कॉमोडिटी है. 2019-20 में लगभग 188 मिलियन मीट्रिक टन उत्पादन के साथ भारत विश्व स्तर पर दूध का सबसे बड़ा उत्पादक है। भारतीय दूध उत्पादन 2025 तक 270 मिलियन मीट्रिक टन तक बढ़ने की उम्मीद है।
भारत डेयरी उत्पादों के निर्यात के मामले में वर्ष 2020-21 के दौरान 54,762.31 मीट्रिक टन था. रुपये के हिसाब 1,491.66 करोड़ यानी 201.37 मिलियन डॉलर का कारोबार हुआ। 2020-21 में जिन देशों को प्रमुख रूप से डेयरी उत्पादों का निर्यात किया गया। उनमें से यूएई, बांग्लादेश और अन्य दक्षिण पूर्व एशियाई देश थे। यूपी में मवेशियों की जीवनशैली के पैटर्न में कई बदलाव किए गए हैं। स्वास्थ्य प्रति जागरूकता भारत में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए सबसे अहम है। इसके अलावा, सरकारी पहलों और कार्यक्रमों ने भी इस क्षेत्र में मदद कर इस उद्योग को और विस्तार दिया है।

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