अब पीके के सहारे कांग्रेस, कांग्रेस की नैय्या पार लगाने में धुरन्धर हुए फेल

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अब पीके के सहारे कांग्रेस, कांग्रेस की नैय्या पार लगाने में धुरन्धर हुए फेल

-पीके ने 600 स्लाइड में दिखाई कांग्रेस को संजीवनी, अपना वजूद बचाने की कांग्रेस की जदोजहद जारी
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- देश की आजादी में अहम रोल निभने वाली व देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस आज अपना वजूद बचाने के लिए जदोजहद में जुटी है। वहीं कांग्रेस की नैयया पार लगाने में उसके सभी धुरन्धर सेनापति भी फेल हो चुके है ऐसे में आंकड़ों की कलाबाजी दिखा कर एक राजनीतिक विश्लेषक कांग्रेस की नैयया पार लगाने की तैयारी कर रहा है और कांग्रेस के आला नेता उसकी तैयारी पर मंथन कर रहे है या यूं कहें कि अब पीके के सहारे कांग्रेस अपना पुराना वजूद हासिल करने की कोशिश कर रही है जबकि यह वही पीके है जो दो बार कांग्रेस को ज्ञान देकर फेल हो चुके है। अब देखना यह है कि पीके के रणनीतिक आंकड़ें कांग्रेस को संजीवनी देगें या फिर कांग्रेस पूरी तरह से डूब जायेगी। वैसे भी राजनीतिक हलकों में कांग्रेस को डूबता जहाज बताया जा रहा है।
               चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की 600 स्लाइड्स में कांग्रेस को पुनर्जीवित करने की संजीवनी है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी के शीर्ष नेताओं की बीते छह दिनों में प्रशांत किशोर के साथ कई दौर की बैठक हो चुकी है। आने वाले विधानसभा चुनावों और 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत सुनिश्चित कराने तथा संगठनात्मक रूप से मजबूत करने को लेकर दिए गए तमाम सुझावों को प्रशांत किशोर पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए पार्टी के नेताओं को समझा रहे हैं।
                सूत्रों ने बताया कि प्रशांत ने अपने 600 स्लाइड्स के पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के जरिए सुझाव दिया है कि उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा जैसे कुछ राज्यों में कांग्रेस को नए सिरे से अपनी रणनीति बनानी चाहिए और इन प्रदेशों में गठबंधन से परहेज करना चाहिए। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, अपनी प्रस्तुति में प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि कांग्रेस को लगभग 370 लोकसभा सीटों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल एवं तमिलनाडु में गठबंधन के साथ चुनाव मैदान में उतरना चाहिए। इसके साथ ही पार्टी का स्पष्ट और पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाने की जरूरत पर बल दिया है। पार्टी की ब्रांडिंग और कम्यूनिकेशन स्ट्रैटजी में भी अहम बदलाव की जरूरत बताई है।
                प्रशांत किशोर के सुझावों और रणनीति पर पार्टी के भीतर गहन मंत्रणा जारी है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी की वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी, पी चिदंबरम, के सी वेणुगोपाल और कुछ अन्य नेताओं ने वीरवार को भी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर बैठक की और प्रशांत किशोर की ओर से दिए गए सुझावों पर गहन मंथन किया। सूत्रों ने बताया कि प्रशांत किशोर शुक्रवार को भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के समक्ष एक विस्तृत प्रस्तुति दे सकते हैं।  इस बीच प्रशांत किशोर को कांग्रेस में शामिल करने को लेकर भी पार्टी नेताओं से राय लेने का सिलसिला जारी है। अगले कुछ दिनों के भीतर इस बारे में फैसला हो सकता है कि किशोर कांग्रेस में शामिल होंगे या नहीं और अगर शामिल होते हैं तो पार्टी में उनकी क्या भूमिका होगी।
                 वहीं, कांग्रेस महासचिव तारिक अनवर ने कहा कि प्रशांत किशोर पार्टी में बिना शर्त शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर के विषय में कांग्रेस अध्यक्ष कोई भी फैसला करने से पहले पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं को विश्वास में लेना चाहती हैं। राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और  भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बी.वी. की सोनिया से हुई मुलाकात को भी इसी से जोड़ कर देखा जा रहा है। प्रशांत किशोर के विषय पर बुधवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ भी विस्तृत चर्चा की गई थी। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बुधवार को कहा था कि किशोर के सुझावों पर मंत्रणा का दौर अगले 48 से 72 घंटे में संपन्न हो जाएगा।

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