प्रियंका सिंह/- पंजाब सरकार किसानों के साथ बातचीत फिर से शुरू करने की कोशिश कर रही है। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां की अगुवाई में आज शाम 4 बजे पंजाब भवन में संयुक्त किसान मोर्चा और भारतीय किसान यूनियन उगराहां के नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक होगी। यह बैठक खास इसलिए है क्योंकि हाल ही में राज्य सरकार ने शंभू और खनौरी बॉर्डर पर पिछले एक साल से चल रहे किसान धरनों को हटाया, जिसके बाद विपक्षी दलों और किसानों ने सरकार की आलोचना की थी।
सरकार का दावा है कि इन धरनों से राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हो रहा था, जबकि किसान नेताओं ने इसे धोखा बताया। इस बैठक का उद्देश्य किसानों के गुस्से को शांत करना और उनके साथ संवाद को आगे बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की तीन मार्च को हुई बैठक के दौरान किसानों की आठ प्रमुख मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन वह बैठक बीच में छोड़कर चले गए थे, जिससे किसान संगठनों में नाराजगी बढ़ गई थी। किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री के दावे को खारिज करते हुए कहा था कि उनकी मांगें केवल राज्य सरकार से संबंधित थीं, न कि केंद्र सरकार से।
कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने किसानों के साथ खड़े होने की बात करते हुए कहा कि अगर उनकी मांगें केंद्र से जुड़ी हैं, तो वह किसानों के साथ प्रदर्शन करने को तैयार हैं। वहीं, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने धरनों के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले नकरात्मक असर पर चिंता व्यक्त की और किसानों से अपील की कि वे राज्य के बुनियादी ढांचे को बाधित न करें।


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