अदाणी समूह और हिंडनबर्ग रिपोर्ट मामले की होगी जांच, सुप्रीमकोर्ट ने बनाई एक्सपर्ट कमेटी

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
September 10, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

अदाणी समूह और हिंडनबर्ग रिपोर्ट मामले की होगी जांच, सुप्रीमकोर्ट ने बनाई एक्सपर्ट कमेटी

-सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश करेंगे जांच, सेबी को भी दो महीने में जांच रिपोर्ट सौंपने के आदेश -गौतम अडाणी ने किया फैसले का स्वागत, कहा- सच्चाई की होगी जीत

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- अदाणी समूह और हिंडनबर्ग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जांच का आदेश देते हुए विशेषज्ञ समिति का गठन कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने निवेशकों की सुरक्षा के लिए नियामक तंत्र से संबंधित मुद्दे से निपटने के लिए शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति एएम सप्रे की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति का गठन किया है। कोर्ट ने निवेशकों की सुरक्षा के लिए नियामक तंत्र से संबंधित समिति के गठन पर हिंडनबर्ग रिपोर्ट से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया।
                 सुप्रीम कोर्ट ने सेबी को भी जांच करने का निर्देश दिया कि क्या सेबी के नियमों की धारा 19 का उल्लंघन हुआ है? क्या स्टॉक की कीमतों में कोई हेरफेर हुआ है? सुप्रीम कोर्ट ने सेबी को 2 महीने के भीतर जांच करने और स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने समिति को दो महीने में सीलबंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट न्यायालय को सौंपने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समिति का अधिकार ढांचे को मजबूत करने के उपाय सुझाना, अदाणी विवाद की जांच करना और वैधानिक ढांचे को मजबूत करने के उपाय सुझाना होगा। एसी ने सेगी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि समिति को सभी जानकारी उपलब्ध करायी जाए।
                  इससे पहले सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने 17 फरवरी को इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था। पीठ ने केंद्र की तरफ से विशेषज्ञों के नाम वाले सुझाव सीलबंद लिफाफे में लेने से इनकार कर दिया था। पीठ का तर्क था कि वह निवेशकों की सुरक्षा के लिए पारदर्शिता सुनिश्चित करना चाहती है।

गौतम अदाणी ने कोर्ट के फैसले का किया स्वागत
अदाणी समूह ने उच्चतम न्यायालय के आदेश का स्वागत किया है। समूह ने कहा है कि यह समयबद्ध तरीके से इस मामले को अंतिम रूप देगा। सुप्रीम कोर्ट ने विशेषज्ञ समिति गठित करते हुए सेबी को निर्देश दिया है कि इस बात की जांच की जाए कि सेबी के नियमों का उल्लंघन और स्टॉक की कीमतों में हेरफेर हुआ है या नहीं। इसके बाद अदाणी समूह के मुखिया गौतम अदाणी ने ट्वीट कर कहा, “सच्चाई की जीत होगी।“

हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद अदाणी समूह के शेयरों में आई बड़ी गिरावट
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में 17 फरवरी को अदाणी-हिंडनबर्ग मामले में सुनवाई के दौरान सेबी की ओर पेश हुए सॉलिसीटर जनरल ने कमेटी के सदस्यों के नाम और उसके अधिकार पर जजों को सुझाव सौंपे थे। सॉलिसीटर जनरल ने कहा था कि हम चाहते हैं कि इस मामले में सच बाहर आए पर बाजार पर इसका असर न पड़े। किसी पूर्व जज को निगरानी का जिम्मा सौंपने पर कोर्ट को फैसला लेना चाहिए। इस पर सीजेआई ने कहा था कि आपने जो नाम सौंपे हैं, वह दूसरे पक्ष को न दिए गए तो ये पारदर्शिता नहीं होगी। हम इस मामले में पूरी पारदर्शिता चाहते हैं इसलिए हम अपनी तरफ से कमेटी बनाएंगे।
                 बता दें कि अमेरिकी शॉर्टसेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की ओर से बीते 24 जनवरी को अदाणी समूह से संबंधित एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी। इस रिपोर्ट में अदाणी समूह के संबंध में शेयरों की कीमत गलत तरीके से बढ़ाने और वित्तीय गड़बड़ियों के दावे किए गए थे। हालांकि अपने ऊपर लगे आरोपों को अदाणी समूह ने खारिज कर दिया था। उसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुचा था।

10 फरवरी को कोर्ट ने कहा था- निवेशकों के हितों की रक्षा जरूरी
इससे पहले शीर्ष अदालत ने 10 फरवरी को कहा था कि अदाणी समूह के शेयरों में गिरावट की पृष्ठभूमि में बाजार में उतार-चढ़ाव से भारतीय निवेशकों के हितों की रक्षा करने की जरूरत है। कोर्ट ने केंद्र से कहा था कि वह नियामकीय तंत्र को मजबूत करने के लिए एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में विशेषज्ञों का एक पैनल गठित करने पर विचार करे।
                  बता दें कि इस मामले में अब तक वकील एमएल शर्मा और विशाल तिवारी, कांग्रेस नेता जया ठाकुर और कार्यकर्ता मुकेश कुमार ने  शीर्ष अदालत में चार जनहित याचिकाएं दायर की हैं। हिंडनबर्ग रिसर्च की ओर से अदाणी समूह के खिलाफ धोखाधड़ी वाले लेनदेन और शेयर-मूल्य में हेरफेर सहित कई आरोप लगाए जाने के बाद शेयर बाजारों में गिरावट आई है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox