
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि जेलों में बंद ट्रांसजेंडर बंदियों का आंकड़ा वार्षिक जेल रिपोर्ट 2019 में शामिल करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। हाईकोर्ट ने यह भी पूछा कि भविष्य में आने वाले इन बंदियों के बारे में क्या निर्णय लिया गया है। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल तथा न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की खंडपीठ ने कहा कि यह मुद्दा सितंबर में सरकार की जानकारी में लाया गया था। इस पर अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
इसके जवाब में एएसजी चेतन शर्मा ने कहा कि इस मुद्दे पर सरकारी की एक्सपर्ट कमेटी विचार कर रही है। खंडपीठ ने कहा कि सरकार से पूछे कि अब तक क्या किया गया है। इस मुद्दे पर अगली सुनवाई सात दिसंबर को होगी। हाईकोर्ट ने यह सवाल करण त्रिपाठी की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से मंगलवार को पूछा। ट्रांसजेंडर बंदियों के विषय में उचित नीति बनाने का निर्देश राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) को देने की मांग याचिका में की गई है।
याची ने अधिवक्ता अखिल हसीजा के जरिये याचिका दायर कर जेलों में बंद ट्रांसजेंडर बंदियों का आंकड़ा सरकारी रिपोर्टों में शामिल करने का निर्देश केंद्र सरकार को देने की मांग भी की गई है।





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