किसानों से सरकार फिर बातचीत करने को तैयार, एमएसपी पर देगी लिखित आश्वासन

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August 25, 2026

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किसानों से सरकार फिर बातचीत करने को तैयार, एमएसपी पर देगी लिखित आश्वासन

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- किसान आंदोलन पर सरकार व किसानों में किसी तरह बात बन जाये इसे लेकर केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है जिसके तहत बुधवार को किसानों द्वारा सरकार का प्रस्ताव ठुकराये जाने और आंदोलन जारी रखने के फैसले के बाद वीरवार को सरकार एक बार फिर किसानों से बातचीत के लिए तैयार हो गई है। कृषि मंत्री नरेन्द्र तोमर ने गृहमंत्री अमितशाह से मिलने के बाद नये प्रस्ताव के तहत एमएसपी पर लिखित आश्वासन देने के संकेत दिये हैं।
यहां बता दें कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का दिल्ली की सीमाओं पर लगातार 15वें दिन आंदोलन जारी है। किसान नेताओं ने बुधवार को सरकार के प्रस्ताव को ठुकराते हुए आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है। जिसके बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि किसानों के हित में कानून बनाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार एपएसपी पर लिखित आश्वासन देने के लिए तैयार हैं। किसान संगठन सरकार के प्रस्ताव पर विचार करें। उन्होंने कहा कि किसान ठंड में बैठे हैं, यह हमारे लिए चिंता की बात है। सरकार हर आपत्ति पर बातचीत के लिए तैयार है। किसान जब भी चाहें हम चर्चा के लिए तैयार हैं।
कृषि मंत्री ने कहा, हम किसानों की चिंताओं को दूर करने के लिये उनके सुझावों की प्रतीक्षा करते रहे, लेकिन वे कानूनों को वापस लेने पर अड़े हैं। उन्होने कहा कि कृषि बिल किसान की आजादी है। वन नेशन-वन मार्किट से अब किसान अपनी फसल कहीं भी, किसी को और किसी भी कीमत पर बेच सकते हैं। अब किसान किसी पर भी निर्भर रहने के बदले बड़ी खाद्य उत्पादन कंपनियों के साथ पार्टनर की तरह जुड़कर ज्यादा मुनाफा कमा पायेगा।
यहां यह भी बता दें कि किसान नेताओं ने नए कृषि कानूनों में संशोधन करने के सरकार के प्रस्ताव को बुधवार को खारिज कर दिया था और आंदोलन को तेज करने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि वे शनिवार को जयपुर-दिल्ली और दिल्ली-आगरा एक्सप्रेस-वे को बंद करेंगे तथा आंदोलन को तेज करते हुए 14 दिसंबर को राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेंगे।
किसान नेता शिव कुमार कक्का ने संबोधित करते हुए कहा कि सरकार के प्रस्ताव में कुछ भी नया नहीं है और ‘संयुक्त किसान समिति’ ने बुधवार को अपनी बैठक में इसे “पूरी तरह खारिज” कर दिया। किसान संगठनों के नेताओं ने प्रस्ताव को देश के किसानों का “अपमान” करार दिया, हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार अगर वार्ता के लिये नया प्रस्ताव भेजती है तो वे उस पर विचार कर सकते हैं। बता दें किसानों ने मंगलवार को भारत बंद किया था। इसी दिन अमित शाह ने किसान संगठनों के 13 नेताओं के साथ बैठक की। बैठक में किसानों को सरकार की तरफ से एक लिखित मसौदा देने पर सहमति बनी। बुधवार को किसानों को मसौदा भेजा गया, जिसे किसान संगठनों ने खारिज कर दिया।

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