दिल्ली के नजफगढ़ क्षेत्र में गाय काटने के मामले से लोगों में रोष, गौ रक्षा दल मौके पर

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 20, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

दिल्ली के नजफगढ़ क्षेत्र में गाय काटने के मामले से लोगों में रोष, गौ रक्षा दल मौके पर

-पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप, पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से उठाये गायों के अंग

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- दिल्ली के रनहौला थाना क्षेत्र में एक बार फिर गाय काटने का मामला सामने आने से लोगों में भारी रोष है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ काफी संख्या में गौ रक्षक दल के कार्यकर्ता भी मौके पर इक्ट्ठा हो गये जिसे देखते हुए पुलिस ने तेजी से कार्यवाही करते हुए गायों के अंगों को मौके से उठा लिया ताकि भीड़ बेकाबू ना हो सके। इस संबंध में एसीपी आनन्द सागर ने लोगों को समझाते हुए शांत किया और कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जायेगा। इससे पहले नजफगढ इलाके में भी एक कार में कटी गाये भरी मिली थी।
मामले केे अनुसार दिल्ली के बापड़ौला गांव के खेतों में गाय काटने का मामला सामने आया था। जिसे देखते हुए हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और गौ रक्षक दल भी वहां मौके पर पहुंच गए। मौके की नजाकत को देखते हुए घटना स्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल को भी तैनात कर दिया गया। एसीपी आनंद सागर भी अपने दलबल सहित मौके पर पहुंचे और तुरंत गायों के अंगों से भरी गाड़ियों को पशुचिकित्सालय के लिए जांच के लिए रवाना कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि दिल्ली ग्रामीण इलाकों में इस तरह की वारदात बढ़ रही है और प्रशासन लकीर पीटने के अलावा कुछ भी नहीं कर पा रहा है। लोगों का आरोप है कि बॉर्डर एरिया में गाड़ियों की चेकिंग नहीं हो रही है जिस कारण इस तरह की वारदातें बढ़ती जा रही हैं। लोगों का कहना है कि आवारा घूम रही गायों को प्रशासन के द्वारा सुरक्षित स्थान पर भेजना चाहिए जिससे कि गाय काटने की इन वारदातों पर लगाम लगे लेकिन लोगों का आरोप है कि प्रशासन इस काम में असमर्थ साबित हो रहा है और सबसे बड़ी विडम्बना यह है कि पुलिस भी इस तरह की वारदातों पर लापरवाह ही दिखाई देती है और दो-चार दिन की सख्ती के बाद फिर उसी ढर्रे पर चल पड़ती है लेकिन इस बार गौरक्षक दल शांत बैठने वाले नही है और लोगों में गुस्से को देखकर पुलिस तेजी से इस मामले पर काम कर रही है।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox