F-35 जेट 7 दिन से भारत में अटका, ब्रिटिश एयरफोर्स की मुश्किलें बढ़ीं

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August 24, 2026

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F-35 जेट 7 दिन से भारत में अटका, ब्रिटिश एयरफोर्स की मुश्किलें बढ़ीं

दिल्ली/सिमरन मोरया/-  14 जून की रात को अचानक ब्रिटिश रॉयल नेवी का अत्याधुनिक F-35B फाइटर जेट ने केरल के तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग की। जिसके बाद से अभी तक इस विमान ने अभी तक उड़ान नहीं भरी है।  शुरुआत में उसकी लैंडिंग का कारण ईंधन की कमी बताया गया था। लेकिन सात दिन बीत जाने के बावजूद यह विमान अभी भी यहीं खड़ा है।

ब्रिटिश लड़ाकू विमान की आपातकालीन लैंडिंग
दरअसल, 14 जून को ब्रिटिश रॉयल नेवी का F-35B फाइटर जेट HMS प्रिंस ऑफ वेल्स विमानवाहक पोत से उड़ान भर रहा था। लेकिन रात करीब 9:20 बजे पायलट ने कम ईंधन की स्थिति की सूचना दी। जिसके बाद तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग की अनुमति मांगी। वहीं, भारतीय वायुसेना (IAF) और हवाई अड्डा अधिकारियों ने तुरंत आपात स्थिति घोषित की और विमान को सुरक्षित रूप से रात 9:30 बजे उतार लिया गया।

लैंडिंग के समय खराब मौसम और समुद्र की ऊँची लहरों के कारण विमान अपने विमानवाहक पोत पर वापस नहीं लैंड कर पाया। विशेषज्ञों का कहना है कि F-35B एक शॉट्स केयर टेक-ऑफ और वर्टिकल लैंडिंग (STOVL) क्षमता वाला विमान है। ऐसे मौसम में विमानवाहक पोत पर लैंड करना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए, पायलट ने सुरक्षा के लिए तिरुवनंतपुरम में लैंडिंग का फैसला लिया।

हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी
लैंडिंग के बाद विमान में ईंधन भरा गया और इसे जल्द ही वापस उड़ान भरने की तैयारी थी। हालांकि, जब विमान को वापस HMS प्रिंस ऑफ वेल्स के लिए उड़ान भरने की कोशिश की गई, तो इसके हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी का पता चला। यह खराबी इतनी गंभीर थी कि विमान उड़ान भरने में असमर्थ रहा। ब्रिटिश नौसेना की एक तकनीकी टीम ने तुरंत सिस्टम की खराबी को ठीक करने में जुट गए।

जिसके बाद एक AW101 मर्लिन हेलीकॉप्टर के जरिए तकनीशियनों और पायलट को विमानवाहक पोत से हवाई अड्डे पर भेजा गया। पिछले सात दिनों में, ब्रिटिश नौसेना की रखरखाव टीम ने हाइड्रोलिक सिस्टम की मरम्मत की कोशिश की, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है।

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