सितंबर के मध्य में खत्म हो सकती है कोरोना महामारी

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सितंबर के मध्य में खत्म हो सकती है कोरोना महामारी

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- महानिदेशालय के उप महानिदेशक व पब्लिक हेल्थ के चिकित्सक अनिल कुमार और सहायक निदेशक लेप्रोसी डॉ उपाध्याय ने मैथ के बैली माॅडल के आधार पर अध्ययन के बाद किया है। इस अध्ययन में मैथेमेटिकल बेस्ट बेली मॉडल को आधार माना गया है। इसके अनुसार कोई भी महामारी तब खत्म हो जाती है जब संक्रमित लोगों की संख्या के बराबर लोग इस बीमारी से ठीक हो जाएं या उनकी मौत हो जाए। मतलब संक्रमितों के बराबर उससे ठीक होने और मरने वालों की संख्या या फिर दोनों की मिलाकर कुल संख्या होनी चाहिए।
महामारी के आकलन के लिए वैली मॉडल रिलेटिव रिमूवल रेट यानी बीएमआरआरआर से निकाला जाता है। यह बीमारी से ठीक हुए और मरे हुए लोगों की संख्या के आधार पर तय होता है। शोध में 19 मई तक के आंकड़ों को पेश किया गया है। तब देश में 10,6475 संक्रमण के मरीज थे जिनमें 42,306 लोग ठीक हो चुके थे तथा मरने वालों की संख्या 3302 थी। इस आधार पर डीएमआरआरआर रिजल्ट 42 प्रतिशत था। डा. अनिल कहते हैं कि महामारी खत्म तभी होती है जब इसका बीएमआरआरआर 100 परसेंट हो जाता है। आज की डेट में बी एम आर आर आर 50 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। हमारी गणना कहती है कि सितंबर के मध्य तक यह 100 प्रतिशत के करीब पहुंच जाएगा। तब यह महामारी खत्म होगी। यूरोप के कई देशों में भी इसका अध्ययन हो चुका है जिसके आधार बताते हैं कि यूरोप के कई देशों में वैली मॉडल के आकलन किए गए हैं। वह बिल्कुल स्टीक निकले हैं हालांकि आकलन के सफल होने में कई अन्य कारक भी प्रभाव डालते हैं। इसके नतीजों की कोई पक्की गारंटी नहीं होती। बता दें कि इससे पहले एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने दावा किया था कि जून-जुलाई में कोरोनावायरस देश में पीक पर होगा और अब इसे देखकर लगने भी लगा है क्योंकि जून के शुरू होते ही संख्या तेजी से बढ़ने लगी। जिसकारण इस अध्ययन पर विश्वास ज्यादा स्टीक बैठता है।

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