कोरोना पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का चैंकाने वाला बयान

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

December 2022
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
December 10, 2022

हर ख़बर पर हमारी पकड़

कोरोना पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का चैंकाने वाला बयान

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कोरोना महामारी को लेकर अभी तक जो भी तथ्य सामने आ रहे है उन पर वैज्ञानिक पूरी तरह से नजर गड़ाये हुए है। लेकिन ऐसे भी मामले सामने आ रहे है जिनमें कोरोना के लक्षण न के बराबर नजर आ रहे है लेकिन फिर भी मरीज कोरोना पाॅजिटिव मिल रहा है। ऐसे हालात में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने एक चैंकाने वाला बयान देते हुए कहा है कि भारत में कोविड-19 के लगभग 80 फीसदी ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें कोई लक्षण नहीं दिखा या बहुत ही हल्के लक्षण देखने को मिले हैं। जिससे पूरे देश में एक नई तरह की बहस छिड़ गई है। अब देखना यह है कि मंत्री के इस बयान पर वैज्ञानिक क्या सलाह देते हैं।
                           स्वास्थ्य मंत्री ने एजेंसी के साथ एक विशेष साक्षात्कार में कहा, “भारत में कोविड-19 के जो मामले रिपोर्ट किए गए हैं, उनमें लगभग 80 फीसदी ऐसे मामले हैं, जिनमें मरीज में या तो शून्य या बहुत हल्के लक्षण पाए गए हैं। ये मरीज ज्यादातर पुष्टि किए गए मामलों के संपर्क में आकर संक्रमित हुए हैं।” हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के कार्यकारी बोर्ड के प्रमुख की जिम्मेदारी संभालने वाले हर्षवर्धन से पूछा गया कि क्या बिना लक्षण वाले रोगी, जो संभावित वायरस के वाहक हैं, वे ग्रामीण भारत में वायरस को गहराई तक ले जा सकते हैं और सरकार के लिए चिंता का कारण बन सकते हैं? इस पर उन्होंने कहा, “मैं डब्ल्यूएचओ के ऐसे पुष्ट मामलों के बारे में जानता हूं, जिनमें वास्तव में कोई लक्षण नहीं पाया गया। यह भी उतना ही सच है कि आज तक कोई भी बिना लक्षण वाले व्यक्ति से संचरण नहीं हुआ है।” उन्होंने कहा कि हाल ही में सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, गुलाबी आंख, गंध या स्वाद का अनुभव होने में कमी, तेज ठंड लगना और गले में खराश जैसे और अधिक लक्षण संयुक्त राज्य अमेरिका की सीडीसी द्वारा कोविड-19 लक्षणों की सूची में शामिल किए गए हैं।
                          उन्होंने कहा, “मुझे इन अध्ययनों को भारत में हमारी सूची में शामिल करने से पहले अधिक अध्ययन की आवश्यकता होगी।” हर्षवर्धन ने कहा कि अगर एक पल के लिए हम ऐसे बिना लक्षणों वाले रोगियों के परीक्षण की बात करते भी हैं तो इन सभी मामलों की पहचान के लिए 1.3 अरब जनसंख्या के परीक्षण की आवश्यकता होगी, जो किसी भी देश के लिए काफी महंगी प्रक्रिया है, जो कि न संभव भी नहीं है। उन्होंने कहा, “परीक्षण सुविधाओं की निरंतरता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के हमारे प्रयासों से मुझे यकीन है कि हम अधिकतम मामले का पता लगाने के लिए और भी बेहतर स्थिति में होंगे। जिससे हम जल्द बिमारी पर काबू पा सकेंगे।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox