ARTICLE 370 :  सिर्फ कानूनी नहीं, यह एक आशा की किरण’, पीएम मोदी 

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 17, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

ARTICLE 370 :  सिर्फ कानूनी नहीं, यह एक आशा की किरण’, पीएम मोदी 

- मोदी ने फैसले को बताया ऐतिहासिक

मानसी शर्मा /- सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की पीठ ने अनुच्छेद 370 पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, आर्टिकल 370 हटाकर जम्मू कश्मीर को बाकी भारत के साथ जोड़ने की प्रक्रिया मजबूत हुई है और आर्टिकल 370 हटाना संवैधानिक रूप से वैध है।वहीं इस फैसले का स्वागत पीएम मोदी ने किया है। और पीएम मोदी ने ट्वीट किया है।

पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा, अनुच्छेद 370को निरस्त करने पर आज का सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक है और 5अगस्त 2019को भारत की संसद द्वारा लिए गए फैसले को संवैधानिक रूप से बरकरार रखता है; यह जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में हमारी बहनों और भाइयों के लिए आशा, प्रगति और एकता की एक शानदार घोषणा है। न्यायालय ने, अपने गहन ज्ञान से, एकता के मूल सार को मजबूत किया है जिसे हम, भारतीय होने के नाते, बाकी सब से ऊपर प्रिय मानते हैं और संजोते हैं।

पीएम मोदी ने आगे कहा, मैं जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के लचीले लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि आपके सपनों को पूरा करने के लिए हमारी प्रतिबद्धता अटूट है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि प्रगति का लाभ न केवल आप तक पहुंचे, बल्कि इसका लाभ हमारे समाज के सबसे कमजोर और हाशिए पर रहने वाले वर्गों तक भी पहुंचे, जो अनुच्छेद 370के कारण पीड़ित थे।पीएम मोदी ने कहा, आज का फैसला सिर्फ कानूनी फैसला नहीं है; यह आशा की किरण है, उज्जवल भविष्य का वादा है और एक मजबूत, अधिक एकजुट भारत के निर्माण के हमारे सामूहिक संकल्प का प्रमाण है।

वहीं भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी ट्वीट करते हुए इस फैसले पर खुशी जताई हैऔर लिखा, माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा धारा 370 के विषय में दिये गये फ़ैसले का भारतीय जनता पार्टी स्वागत करती है। उच्चतम न्यायालय की संवैधानिक पीठ ने धारा 370 और 35A को हटाने के लिए दिए गये निर्णय, उसकी प्रक्रिया और उद्देश्य को सही ठहराया है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox