

नजफगढ़ मेट्रो न्यूज/नई दिल्ली/राज्य ब्यूरो, : ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम नगला पदम में एक ही परिवार के पांच सदस्यों के मृत पाए जाने के मामले में नया मोड़ आया है। मृतक महेश के मोबाइल फोन से बरामद एक ऑडियो रिकॉर्डिंग अहम सुराग बनकर उभरी है, जिसमें उन्होंने पूरी घटना के लिए अपनी बड़ी बहन सुनीता, बहनोई शेखर और छोटी बहन सपना को जिम्मेदार बताया है। इसी आधार पर पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना का विवरण

उल्लेखनीय है कि 17 अक्टूबर 2026 को थाना रबूपुरा क्षेत्र के नगला श्री पदम गांव में महेश (करीब 37 वर्ष), उनकी पत्नी ललिता (करीब 35 वर्ष), पुत्र लड्डू उर्फ साक्षात (करीब 11 वर्ष), पुत्री मिस्टी (करीब 7 वर्ष) और पुत्र रियांश (करीब 3 वर्ष) के शव घर में मिले। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, परिवार 16 अक्टूबर की रात बाहर से घर लौटा, खाना खाकर सो गया और अगली सुबह मृत अवस्था में पाया गया। मौके पर एफएसएल और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जांच की। पंचायतनामा के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जिसमें चिकित्सकों के पैनल ने पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई और विसरा सुरक्षित कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजने की कार्रवाई की। आसपास के सीसीटीवी फुटेज में कोई बाहरी व्यक्ति घर में प्रवेश करते नहीं दिखा।
मोबाइल से मिला अहम सुराग और संपत्ति विवाद
पुलिस जांच में मृतक महेश के मोबाइल से रिकॉर्ड की गई ऑडियो सामने आई, जिसमें उन्होंने इस पूरी घटना का जिम्मेदार अपनी बड़ी बहन सुनीता (पत्नी शेखर उर्फ चंद्रशेखर), बहनोई शेखर और छोटी बहन सपना को ठहराया। आस-पड़ोस और रिश्तेदारों से मिली जानकारी के अनुसार, सुनीता ने कथित रूप से माता चंद्रवती को प्रभावित कर उस मकान को अपने नाम करवा लिया था, जिसमें महेश अपनी मां के साथ रहते थे। इसकी जानकारी मिलने पर महेश काफी परेशान रहने लगे थे।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
मृतका ललिता के भाई की लिखित तहरीर पर थाना रबूपुरा में मु.अ.सं. 223/2026, धारा 108 बीएनएस (आत्महत्या के लिए उकसाने/उकसावे) के तहत मामला दर्ज किया गया। 18 अक्टूबर 2026 को नामजद तीनों आरोपियों शेखर उर्फ चंद्रशेखर (करीब 50 वर्ष), पुत्र चरना,सुनीता (करीब 45 वर्ष), पत्नी शेखर — दोनों निवासी सी-04, गली नंबर 09, शालीमार गांव, थाना शालीमार बाग, दिल्ली और सपना (करीब 32 वर्ष), पत्नी संजीव उर्फ संजू — निवासी खेड़ा कला, थाना बादली, दिल्ली को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपियों से पूछताछ जारी है और प्रकरण में आगे की विधिक कार्रवाई चल रही है। वर्तमान में घटनास्थल और क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य बताई गई है। मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि विसरा रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक जांचों के बाद होगी। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की गहन जांच कर रही है।
यह घटना संपत्ति विवाद और पारिवारिक तनाव के बीच संदिग्ध मौतों का मामला बन गया है, जिसमें मोबाइल रिकॉर्डिंग जांच का केंद्र बन गई है। आगे की रिपोर्ट विसरा और फॉरेंसिक परिणामों पर निर्भर करेगी।





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