

नजफगढ़ मेट्रो न्यूज/द्वारका/शिवकुमार यादव । द्वारका जिला पुलिस ने अदालत में सुनवाई से बच रही एक महिला को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी महिला की पहचान कमलेश (47) पत्नी राकेश, निवासी महावीर एन्क्लेव, डाबड़ी, दिल्ली के रूप में हुई है। महिला को दिल्ली आबकारी अधिनियम से जुड़े वर्ष 2016 के एक मामले में अदालत ने 10 दिसंबर 2025 को घोषित अपराधी (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर) करार दिया था। द्वारका जिला पुलिस की एंटी-बर्गलरी सेल की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर उसे उसके घर से गिरफ्तार किया।
डीसीपी के निर्देश पर चलाया जा रहा विशेष अभियान
द्वारका जिला पुलिस के उपायुक्त कुशल पाल सिंह, आईपीएस के निर्देश पर घोषित अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एंटी-बर्गलरी सेल की टीम को फरार आरोपियों और अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त लोगों का पता लगाकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

अभियान के तहत एंटी-बर्गलरी सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर बसंत कुमार के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल परवीन कुमार, हेड कांस्टेबल कृष्ण और महिला हेड कांस्टेबल सोनिया की टीम गठित की गई। यह कार्रवाई एसीपी ऑपरेशंस सुभाष मलिक की करीबी निगरानी में की गई।
गुप्त सूचना पर महावीर एन्क्लेव में दबिश
पुलिस के अनुसार, 13 अक्टूबर 2026 को टीम को सूचना मिली कि दिल्ली आबकारी अधिनियम के एक मामले में सुनवाई से बच रही और अदालत द्वारा घोषित अपराधी करार दी गई कमलेश महावीर एन्क्लेव, डाबड़ी में रह रही है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर जाल बिछाया और आरोपी महिला को उसके घर से पकड़ लिया।
इसके बाद थाना डाबड़ी में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(1)(d) के तहत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया गया।
वर्ष 2016 के मामले में थी फरार
पुलिस के मुताबिक, आरोपी कमलेश के खिलाफ एफआईआर संख्या 562/2016 दर्ज है। यह मामला थाना डाबड़ी में दिल्ली आबकारी अधिनियम की धारा 33 के तहत दर्ज किया गया था। इस मामले में द्वारका स्थित दक्षिण-पश्चिम जिला अदालत के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC-02) न्यायाधीश हर्षेल नेगी की अदालत ने 10 दिसंबर 2025 को उसे घोषित अपराधी करार दिया था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी महिला की दिल्ली आबकारी अधिनियम से जुड़े तीन मामलों में पूर्व संलिप्तता भी रही है। पुलिस की इस कार्रवाई को घोषित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा बताया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फरार आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।





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