

नजफगढ़ मेट्रो न्यूज/द्वारका/शिवकुमार यादव। द्वारका जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) ने गांजा तस्करी के एक कथित नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तीन चरणों में कार्रवाई करते हुए कुल 54.375 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। बरामद गांजे में से 52.32 किलोग्राम गांजा मोहन गार्डन के सिद्धार्थ एन्क्लेव स्थित एक मकान में बेड के स्टोरेज बॉक्स में छिपाकर रखा गया था। इसके अलावा, नजफगढ़ में एक लावारिस स्कूटी से 1.855 किलोग्राम और आरोपी बलबीर के कब्जे से 200 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने स्कूटी को भी जब्त कर लिया है।
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह, आईपीएस के निर्देश पर जिले को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एएटीएस की टीम ने यह कार्रवाई की।
लावारिस स्कूटी से शुरू हुई जांच
पुलिस के अनुसार, 7 अक्टूबर 2026 को एएटीएस की टीम नजफगढ़ स्थित अग्रवाल कॉलोनी के तिरंगा चौक के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों की नजर एक संदिग्ध व्यक्ति पर पड़ी, जो टीवीएस जुपिटर स्कूटी छोड़कर मौके से फरार हो गया। टीम ने स्कूटी की तलाशी ली तो उसकी डिक्की से 1.855 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।
इस संबंध में थाना बाबा हरिदास नगर में एफआईआर संख्या 353/2026 के तहत एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं 8/20/25 में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने स्कूटी और गांजे के संबंध में जांच शुरू की।
बलबीर की गिरफ्तारी के बाद मिला बड़े जखीरे का सुराग
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 10 अक्टूबर को बलबीर (45), निवासी इंद्रा मार्केट कॉलोनी, नजफगढ़ को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, उसके कब्जे से 200 ग्राम गांजा भी बरामद किया गया। पूछताछ के दौरान उसने मोहन गार्डन के सिद्धार्थ एन्क्लेव स्थित एक मकान में गांजे का बड़ा भंडार छिपाकर रखे जाने की जानकारी दी।
इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने 11 अक्टूबर को संबंधित मकान पर छापा मारा। तलाशी के दौरान बेड के अंदर बने स्टोरेज बॉक्स से 49 पैकेटों में रखा 52.32 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इस मामले में पुलिस ने रंजू (35), पत्नी राजेश, को गिरफ्तार किया।
बेड बना रखा था गांजा छिपाने का ठिकाना
पुलिस के मुताबिक, मकान में सामान्य घरेलू सामान रखने के लिए इस्तेमाल होने वाले बेड के स्टोरेज हिस्से में गांजे के पैकेट छिपाए गए थे। तलाशी के दौरान इतनी बड़ी मात्रा में गांजा मिलने के बाद पुलिस ने इसे तस्करी नेटवर्क की जांच में अहम बरामदगी माना है।
पुलिस का कहना है कि स्कूटी से गांजा बरामद होने के बाद शुरू हुई जांच के जरिए न केवल बलबीर तक पहुंच बनाई गई, बल्कि एक मकान में छिपाकर रखे गए गांजे के बड़े जखीरे का भी पता चला।
दोनों आरोपियों की भूमिका की जांच
पुलिस के अनुसार, बलबीर नजफगढ़ की इंद्रा मार्केट कॉलोनी का निवासी है और उसके खिलाफ पहले भी दो मामलों में संलिप्तता की जानकारी है, जिनमें एनडीपीएस से संबंधित मामले भी शामिल बताए गए हैं। वहीं, रंजू के मकान से 52.32 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ है। पुलिस उसकी कथित भूमिका और गांजे की आपूर्ति से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
इंस्पेक्टर मनीष कुमार के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई एसीपी ऑपरेशंस सुभाष मलिक की निगरानी में एएटीएस प्रभारी इंस्पेक्टर मनीष कुमार के नेतृत्व वाली टीम ने की। टीम में एसआई धनंजय कुमार, हेड कांस्टेबल मनोज कुमार, राकेश, सोमदेव और राजबीर, महिला हेड कांस्टेबल ममता, कांस्टेबल अरविंद, महिला कांस्टेबल पूजा तथा ड्राइवर एएसआई हेमचंद शामिल थे।
गांजे के स्रोत का पता लगाने में जुटी पुलिस
पुलिस अब बरामद गांजे के स्रोत, उसकी आपूर्ति के रास्तों और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की आगे की जांच जारी है और नेटवर्क में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।





More Stories
ऑपरेशन विस्टा 1.0: द्वारका पुलिस ने आइवरी कोस्ट के नागरिक को पकड़ा, डिटेंशन सेंटर भेजा
ग्रेटर नोएडा में परिवार के 5 सदस्यों की मौत: मृतक के मोबाइल में मिला अहम सुराग, दोनों बहनें और बहनोई गिरफ्तार
द्वारका जिला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 10 साल पुराने आबकारी मामले में फरार महिला गिरफ्तार
22 अफसरों पर तत्काल गाज, अपर आयुक्त आबकारी मामले में शासन के हाथ क्यों बंधे?
आरटीआई पर लापरवाही पड़ी भारी, दंडात्मक कार्रवाई से बचने नियमों को समझें अधिकारी
प्राचीन श्री रामलीला हल्द्वानी: शबरी देखी राम गृह आए। मुनि के बचन समुझि जिय भाए”